जौनपुर धारा,खुटहन। शुक्रवार को बीरीसमसुददीनपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के प्रारंभ से पूर्व शुक्रवार को गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कोल्हुआ घाट से 108कन्याओं ने कलश में पवित्र गोमती का जल भरकर उसे सिर पर रख डीह स्थान से मां भगवती स्थान होते हुए गाजे-बाजे के साथ पूरे गांव का भ्रमण किया। कथा स्थल पर कलश यात्रा का समापन किया गया। कलश पूजन पंडित देव प्रभाकर दूबे, सुरेन्द्र प्रसाद दूबे,ने कराया। कथावाचक पं.धर्मराज तिवारी महराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कलश और नारी दोनों शक्ति का प्रतीक हैं। जब दोनों शक्तियां एक साथ एकाकार होकर दर्शन देती है तो उसका कई तीर्थों के बराबर फल होता है। यह यात्रा इसलिए निकाली जाती है कि वृद्ध, बीमार और आशक्त गण जो इसमें सामिल नहीं हो सकते वे घर बैठे दोनों शक्तियों का दर्शन कर पूण्य अर्जित कर सके। इसके अलावा कलश यात्रा से हमें किसी महान धार्मिक आयोजन की जानकारी भी मिल जाती है। यात्रा में राम आसरे उपाध्याय, सत्यभामा उपाध्याय, सुभाष चन्द्र उपाध्याय, विजय लक्ष्मी उपाध्याय, गीता, किरन, मिथलेश, नीलम, बिन्दू, बबिता, रूचि, मुन्नी दिव्यानी, दिव्यांश, धर्मेद्र, सौरभ, त्रिवेणी, जनार्दन, सहित सौकडो महिला-पुरुष सम्मिलित रहीं।
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पोस्टर में सानिया मौर्य, काव्य लेखन में हिमांशी अव्वल
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में सानिया मौर्य और काव्य लेखन में हिमांशी श्रीवास्तव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
नारी और कलश दोनों शक्ति का प्रतीक

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