- भीषण गर्मी में सड़कों पर पसरा सन्नाटा

जौनपुर धारा, जौनपुर। अप्रैल माह में पड़ रही भीषण गर्मी ने पिछले कई वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया। अब लोगों को मई व जून माह की चिंता सताने लगी है। अब तक लोगों को कहते सुना जा रहा है कि यदि गर्मी का यही हाल रहा तो आगे क्या होगा? फिलहाल तापमान की बात करें तो अप्रैल माह में अधिकतम तापमान 43 डिग्री व उससे ऊपर तक पहुँचने का आकलन किया जा रहा है। जिसने दोपहर में लोग अपने घरों में रहने को विवश कर दिया। अप्रैल माह में भीषण गर्मी का असर लोगों के कारोबार पर भी खासा पड़ा। ईद व अक्षय तृतीया का त्योहार धीरे-धीरे करीब आ रहा है। ऐसे में गर्मी के चलते लोग खरीदारी से गुरेज कर रहें है, तो वहीं दोपहर से पहले ही बाजारों में सन्नाटा देखने को मिल रहा है। दूसरी ओर जो लोग जरूरतों के आधार पर घरों से निकले भी तो वह गर्मी से बचाव करते हुए अपने कामों को पूरा करते नजर आये। वहीं रोजेदारों के लिये भी ये मौसम मुश्किल से गुजर रहा है। जबकि मजदूरी करने वाला वर्ग आग बरसती गर्मी में पसीना बहाने को मजबूर है। ऐसे तमाम लोग है जिन्होंने गर्मी से बचाव करने के तरीके निकाल रखे है। जिसके तहत लोग शरीर पर पूरे कपड़ों के साथ ही चेहरे आदि को पूरे गमछे से बांध कर निकल रहें है। कुछ लोग तो नदियों में जाकर मस्ती करते पाये गये। बावजूद इसके लोगों को कुछ ही पल राहत महसूस हो रही है। यानि गर्मी से बचाव के तमाम उपाय बेअसर साबित हो रहे है। ऐसे में विद्यालयों के छात्रों को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालाकि जिला प्रशासन के आदेश पर 1 से 8 तक के बच्चों के स्कूल का समय बदलकर कुछ तो बच्चों को राहत दी गई है। लेकिन चटक धूप व लू के थपेड़ों ने दोपहर से पहले की वातावरण पर कब्जा करना आरम्भ कर दिया है। एक निजी विद्यालय के कक्षा नौ के छात्र पसीना पोछते किसी तरह अपनी साइकिल को थामे, एक गमछे से तीन लोगों के साथ धूप से बचाव करते देखे जा रहें है। शहर के निजी विद्यालयों की टाइिंमग भिन्न-भिन्न है। मंगलवार को शहर के पास छात्रों का समूह एक निजी विद्यालय से वापस घर लौट रहा था। गर्मी से बेहाल व पसीने से तर छात्र जल्द से जल्द घर पहुंचने को बेताब दिख रहे थे। निजी ही नहीं सरकारी स्कूलों के बच्चों का भी यहीं हाल है। हालांकि विद्यालयों में अभी भी छात्र संख्या बेहद कम रहती है लेकिन जो भी छात्र विद्यालय पहुंचते हैं, उन्हें विद्यालय से वापस घर जाने में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता है। मंगलवार को दोपहर 12 से अपराह्न दो बजे के मध्य का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में तेज गर्मी व लू के कारण छात्रों की उपस्थिति नगण्य बनी हुई है। सूत्रों की माने तो अधिकांश विद्यालयों में छात्रों की हाजिरी कम है पर जो भी छात्र विद्यालय जाते हैं, उन्हें घर वापस आते वक्त तेज धूप व लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ता है। भीषण गर्मी से परेशान छात्र अपने बस्तों को छाता बनाकर धूप से बचने का प्रयास कर रहे हैं। यह नजारा ज्यादातर स्कूलों के बाहर छुट्टी होने के बाद नजर आया। कोई अपने बस्ते को सिर पर रखकर धूप से बचने की कोशिश करता दिखा तो किसी ने सिर पर रुमाल रखकर सूर्यदेव के प्रकोप से बचने का प्रयास किया गया।


