- विधानसभा में विधायक ने पूछा सवाल, कब भरे जाएंगे प्रधानाचार्य के रिक्त पद
जौनपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा में सपा की विधायक डॉ.रागिनी सोनकर ने माध्यमिक शिक्षा की बदहाली पर सरकार को कटघरे में ला खड़ा किया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि प्रदेश के 90प्रतिशत राजकीय और अनुदानित इंटर कॉलेजों में विज्ञान शिक्षा का नामोनिशान नहीं-न प्रयोगशाला, न विशेषज्ञ शिक्षक सरकार तो ‘विज्ञान यात्राÓ का डंका पीट रही है, लेकिन इंटर कॉलेजों के विभाग को भी नहीं पता कि विज्ञान की पढ़ाई आखिर कहाँ होती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के लाखों छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं व तकनीकी शिक्षा के इस दौर में विज्ञान से महरूम हैं। सरकार की ‘डिजिटल इंडियाÓ की बड़ी-बड़ी बातें हवा में उड़ रही हैं। एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए डॉ.सोनकर ने कहा कि अनेक इण्टर कॉलेजों में प्रधानाचार्य पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं। नियमित प्राचार्य के बिना प्रशासन ठप, अनुशासन ढीला और शैक्षिक गुणवत्ता धूल चाट रही है। सरकार कब तक ये रिक्तियां भरने की ‘प्रक्रियाÓ में अटकी रहेगी। डॉ.सोनकर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तत्काल कदम नहीं उठाए, तो उत्तर प्रदेश की नई पीढ़ी अवसरों से वंचित होकर पिछड़ जाएगी। प्रदेश को विकास की राह पर ले जाना है तो विज्ञान शिक्षा को प्राथमिकता दें।



