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Homeअपना जौनपुरचपरासी की नौकरी बना परिवार के 5 लोगों की मौत का कारण

चपरासी की नौकरी बना परिवार के 5 लोगों की मौत का कारण

  • घटनास्थल पर मिले सुसाइड नोट से मालूम हुई वजह
  • पत्नी व तीन बच्चों की हत्या कर युवक ने खुद भी लगाया फांसी

जौनपुर धारा, जौनपुर। मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के जयरामपुर गांव में मंगलवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में एक व्यक्ति ने पत्नी व अपने तीन बच्चों को मौत के घाट उतार कर फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह एक साथ 5 लोगों की मौत की खबर क्षेत्र में जंगल की आग की तरह फैल गई। उक्त खबर सुनकर घटनास्थल पर भाराr भीड़ जुट गई। पूरे परिवार की मौत पर अन्य परिजनों में कोहराम मचा रहा तो वहीं पर गांव वाले लोग सकते में रहे। घटना को लेकर लोगो में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त रही। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेते हुए कार्रवाई में जुट गई। घटना स्थल से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोड से पता चला है कि चपरासी की नौकरी 5 लोगों के मौत का कारण बनी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के सलारपुर गांव निवासी नागेश विश्वकर्मा मड़ियाहूं कठिरांव मार्ग पर लबे सड़क स्थित जयरामपुर गांव में बने मकान में रहता था। रोज की भांति मंगलवार की रात में परिवार के साथ खा पीकर सोने चला गया। सुबह 9 बजे के आसपास तक जब घर का कोई सदस्य बाहर नहीं निकला तो गांव में ही रहने वाला उसका चचेरा भाई सोनू विश्वकर्मा पहुंचकर आवाज लगाने लगा अंदर से कोई जवाब न मिलने पर उसने दरवाजे पर धक्का दिया तो दरवाजा अंदर से खुल गया। अंदर जाने पर उसने जो दृश्य देखा उसकी आंखें फटी की फटी रह गई। कमरे में नागेश 40पंखे के सहारे फांसी के फंदे से लटकता हुआ तो वहीं बिस्तर पर उसकी पत्नि राधिका 38 के साथ उसके तीनो बच्चे निकिता 13, आदर्श 5 व आयुषी 3 वर्ष मृत पड़े थे। उसने बाहर आकर शोर मचाना शुरू या तो लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। आसपास के लोगों ने उक्त घटना की सूचना पीआरवी पुलिस को दी। थोड़ी देर बाद मौके पर प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार गुप्ता मय फोर्स के साथ पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेते हुए अग्रिम कार्रवाई में जुट गए। पुलिस को जांच पड़ताल के दौरान एक सुसाइड नोट भी मिला। लेकिन पुलिस ने उक्त सुसाइड नोट को सार्वजनिक नहीं किया हैं। मौके पर डाग स्क्वायड व फॉरेंसिक टीम भी पहुंचकर सुराग हासिल करने में जुटी रही परंतु सफलता हाथ नहीं लगी। पुलिस के मुताबिक पति ने पहले अपनी पत्नी की रॉड से मारकर हत्या की। उसके बाद बारी-बारी से तीनों बच्चों को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद आरोपी ने खुद भी आत्महत्या कर ली। ग्रामीणों के मुताबिक नागेश विश्वकर्मा का बुधवार सुबह पत्नी राधिका (35 वर्ष) से किसी बात को लेकर कहा सुनी हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक अजयपाल शर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह, क्षेत्राधिकारी चोब सिंह, उप जिलाधिकारी लाल बहादुर, तहसीलदार राम सुधार समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार गुप्ता ने बताया कि मौत का कारण स्पष्ट नहीं है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाने के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट होगा। सुसाइड नोट में लिखा गया कि स्कूल में चपरासी की नौकरी के लिए मृतक नागेश ने एक युवक के माध्यम से एक स्कूल प्रबंधक को 7 लाख रुपये दिए थे। नौकरी और पैसा न मिलने से परेशान होकर मृतक नागेश ने ये खौफनाक कदम उठाया है।

इन्सेट

भाई के तहरीर पर दो के विरुद्ध मुकदमा दर्ज

मृतक नागेश विश्वकर्मा के भाई त्रिभुवन विश्वकर्मा के तहरीर के आधार पर पुलिस ने भानु प्रताप शर्मा निवासी सालारपुर थाना नेवढ़िया व शिव आसरे सिंह निवासी थाना जलालपुर के विरुद्ध आईपीसी की धारा 302 306 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल कर रही है। एसपी ग्रामीण शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच पड़ताल में कई चीजे मौके से मिली है जिसमें एक पतली कापी मिली जिसे चेक करने पर मृतक नागेश द्वारा लिखा गया है कि वह अपनी पत्नी और बच्चों की हत्या का खुद जिम्मेदार है। उसने आगे लिखा है कि मैनें भानु प्रताप विश्वकर्मा पुत्र बंशराज निवासी सलारपुर थाना नेवढ़ियां के माध्यम से शिव आसरे सिंह पुत्र स्व.सरजू सिंह को काकोरी थाना जलालपुर जिनका सरजू प्रसाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय है, उस स्कूल में चपरासी की नौकरी के लिए सात लाख रुपए दिया था। उन्होनें न तो नौकरी दी न ही पैसा वापस कर रहे हैं, जिसके कारण हमने यह कदम उठाया है।

पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार

शव के पास से मिले सुसाइड नोट बरामद होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जांच तेज कर दी। जौनपुर के एएसपी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने पैसा दिलाने वाले युवक भानुप्रताप विश्वकर्मा और पैसा लेने वाले माध्यमिक स्कूल के प्रबंधक शिव आसरे सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आवश्यक कार्रवाई में की जा रही है। नागेश ने बिचवानी को लाखों रुपये देने के बाद भी चपरासी नौकरी न मिलने से काफी परेशान चल रहा था। उसने आगोश में आकर सबसे पहले पत्नी राधिका (35) को पीट-पीट कर जान ले ली। उसके बाद हत्यारे पति ने अपने तीन बच्चों की भी कपड़े से मुंह दबाकर हत्या कर दी।

मृत परिवार की फाइल फोटो

पूरे परिवार की मौत पर हर कोई हैरान

नागेश व उसके पूरे परिवार की मौत की खबर सुनकर हर कोई हैरान रहा। आखिर ऐसी कौन सी परिस्थिति उत्पन्न हो गई कि पूरे परिवार को समाप्त कर खुद को भी समाप्त करना पड़ा। लोगों की माने तो नागेश शिक्षित व व्यवहारिक इंसान था। उसकी शादी 2007 में भानपुर थाना रामपुर निवासी राधिका से हुई थी 3 साल बाद 2010 में वह रोजी रोटी के सिलसिले में मुंबई चला गया जहां पर वह वििभन्न प्राइवेट कंपनियों में काम करता रहा। लॉकडाउन के दौरान जब वहां पर काम बंद हो गया तो घर पर आकर खेती किसानी करने लगा। घर परिवार से संपन्न नागेश का जीवन यापन खेती-किसानी से चलने लगा। नागेश के बड़े भाई त्रिभुवन के अनुसार नागेश ने गांव के ही एक व्यक्ति को किसी स्कूल में नौकरी दिलाने के नाम पर कुछ पैसा दिया था। जिसके लिए उसने अपने खेत का कुछ हिस्सा बेचा था। उक्त युवक द्वारा अभी तक नौकरी न दिलाए जाने पर नागेश उसे अपने पैसे वापस मांग रहा था। जिस पर कुछ दिन पहले वाद विवाद भी हुआ था। ग्रामीणों के अनुसार गुप्त नौकरी को लेकर नागेश व उसकी पत्नी राधिका में भी कुछ मनमुटाव चल रहा था हो सकता है उसी की वजह से नागेश ने यह कदम उठाया हो। वैसे घटना का कारण जो भी हो यह तो पुलिस जांच में ही उजागर होगी।