जौनपुर धारा, जौनपुर। हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी एवं लक्ष्मीबाई बिग्रेड के कैडरों द्वारा अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 117वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संयुक्त बयान में कार्यकर्तार्ओं ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद बचपन में ही आजादी के चल रहे आंदोलन में 14 वर्ष की उम्र में ही ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आंदोलन में पकड़े गए। उनके खिलाफ सुनवाई के दौरान नाम पूछने पर उन्होंने अपने को आजाद, घर का नाम जेलखाना बताया। कोर्ट ने चंद्रशेखर आजाद की उम्र के हिसाब से उन्हें 14 कोड़े मारने का आदेश दिया। अंग्रेजो के खिलाफ लड़ते हुए उन्होंने खूनी क्रांति का ऐलान कर अंग्रेजों से लड़ते हुए इलाहाबाद के अल्प्रâेड पार्क में 27 फरवरी 1931 को वीरगति प्राप्त हो गये। अंग्रेजों के खिलाफ खुलेआम संघर्ष के कारण तथा उनकी वीरता को देखकर अंग्रेज काफी डर और सहम गए थे लेकिन आज दुर्भाग्य की बात है कि उनकी वीरगाथा को भारत की सवा अरब की आबादी उनको भूल चुकी है। श्रद्धांजलि देने वालों में बिग्रेड की अध्यक्ष मनजीत कौर, कृष्ण कुमार पांडे, सुरेंद्र, अनिरुद्ध सिंह, सुषमा, राधे मोहन, राजू पांडे, आकाश तिवारी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन धर्म सिंह ने किया।
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चंद्रशेखर आजाद की मनायी 117वीं जयंती

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