जौनपुर धारा, जौनपुर। कृषक सद्दाम हुसैन ग्राम भकड़ी विकासखंड बक्शा का कहना है कि परम्परागत खेती से हट कर कुछ अलग करने हेतु गेंदा की खेती एक अच्छा विकल्प है, जिसमे कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है और अपनी आय दुगनी किया जा सकता है। वर्ष मे तीन बार गेंदा की खेती की जा सकती है। गेंदा की फूलो की मांग निरंतर बढ़ रही है। जिससे किसानों की आय एवं उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने हेतु सरकार जोर दे रही है। सद्दाम हुसैन ने लगभग 1.2 हे. क्षमता की भूमि पर में गेंदा की खेती की गयी है। जिसकी सिचाई स्प्रिंकलर पद्धति द्वारा कर रहे है। जिससे सिचाई पर कम खर्च आता है और पानी की बचत भी होती है। फसल भी हरी भरी एवं स्वस्थ रहती है जिससे गेंदा के फूलो का उत्पाद भी दुगना होता है और फूलो की माला बनाकर मंडी में बेचा जाता है। इनका कहना है कि उद्यान विभाग से स्प्रिंकलर का लाभ मिलने से गेंदा की खेती से अच्छा उत्पादन हुआ है। जिससे पहले से अधिक लाभ मिला है।
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पोस्टर में सानिया मौर्य, काव्य लेखन में हिमांशी अव्वल
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में सानिया मौर्य और काव्य लेखन में हिमांशी श्रीवास्तव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
गेंदा की खेती कर लाखों का मुनाफा कमा रहे है कृषक सद्दाम हुसैन

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