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आर्थिक संकट के चलते पाकिस्‍तान में पटरी से उतर गई अर्थव्‍यवस्‍था

Imran Khan Vs Pakistan Army: पाकिस्‍तान में आर्थिक संकट के चलते अर्थव्‍यवस्‍था पटरी से उतर गई है. औंधे मुंह गिरती पाकिस्‍तानी करेंसी को संभालने और बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के लिए वहां की हुकूमत को कोई रास्‍ता नहीं दिख रहा. इन दिनों मुखर हुए पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) मौजूदा हुक्‍मरानों को मुल्‍क की बर्बादी का दोष दे रहे हैं. हालांकि, वह सेना को आंखें नहीं दिखा पा रहे हैं.

इमरान खान ने शुक्रवार (3 मार्च) को कहा कि मैं मुल्‍क की भलाई के लिए आर्मी चीफ से बात करने को तैयार हूं. बता दें कि जनरल असीम मुनीर (General Asim Munir) अब पाकिस्‍तानी आर्मी के चीफ हैं. उनसे पहले जनरल बाजवा थे, जो कि रिटायर हो चुके हैं.

एक समय ऐसा था जब बाजवा को इमरान ने ही आर्मी चीफ बनवाया था, दोनों एक-दूजे पर भरोसा था. हालांकि, बाद में दोनों में दूरियां बढ़ीं और बाजवा के इशारों पर पाकिस्‍तान के विपक्षी दलों द्वारा इमरान को सत्‍ता से बेदखल कर दिया गया.

बदल गए पीटीआई चीफ के सुर

इससे इमरान और बाजवा यानी पाकिस्‍तानी सेना के बीच कड़वाहट आ गई. प्रधानमंत्री की कुर्सी छिनने के बाद इमरान ने बाजवा और पाकिस्‍तानी सेना के खिलाफ कई तीखे बयान दिए. हालांकि, अब इमरान के इरादे बदले-बदले से नजर आ रहे हैं. इमरान ने पाकिस्‍तान के मौजूदा आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर से मिलने की बात कही है.

इमरान ने लाहौर में अपने ज़मान पार्क निवास पर प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर कहा, “मैं मुल्‍क की भलाई के लिए आर्मी चीफ से बात करने के लिए तैयार हूं. उनके साथ अपना कोई मसला नहीं है”.

हालांकि, इमरान का बयान उनके पहले के दिए बयानों से बिल्‍कुल अलग है, जब वे सेना के साथ अपने संबंधों, रिटायर्ड आर्मी चीफ क़मर जावेद बाजवा से अपनी हताशा जाहिर करने के साथ ही अदालत की सुनवाई के लिए इस्लामाबाद नहीं आने की बात कह चुके थे.

इमरान की हालिया टिप्पणी पाकिस्‍तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी द्वारा पंजाब में 30 अप्रैल को चुनाव की तारीख घोषित करने के कुछ घंटों बाद आई है.

यह पूछे जाने पर कि वह “इस्‍टेब्लिशमेंट (पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व)” से बात क्यों नहीं कर रहे हैं, इमरान ने कहा कि हमारा उनके साथ कभी झगड़ा नहीं हुआ, और वो केवल जनरल बाजवा थे जिन्होंने “मेरी पीठ में छुरा घोंपा”.

‘वो बाजवा थे जिन्होंने मेरी पीठ में छुरा घोंपा’

इमरान ने कहा कि अपनी सरकार खोने के बाद भी मैंने देश की भलाई के लिए जनरल बाजवा से बात की. “लेकिन वो जनरल बाजवा ही थे जो मुझे कुचलना चाहते थे,”. उन्होंने कहा, “लेकिन अगर कोई सोचता है कि मैं घुटने मोड़ूंगा, तो ऐसा नहीं हो सकता.”

दोहराई बाजवा के कोर्ट मार्शल की मांग 

इमरान ने “रूस के खिलाफ भाषण देने” के लिए भी जनरल बाजवा की आलोचना की और मांग की कि उनका “इस भाषण के लिए कोर्ट मार्शल” किया जाए.

‘कोई बात करने को तैयार नहीं, मैं क्‍या करूं’ 

इमरान बोले, “मैं अब भी सत्ता से बात करने को तैयार हूं – मुल्‍क की बेहतरी के लिए – लेकिन अगर कोई बात करने को तैयार नहीं है, तो मैं क्या कर सकता हूं?

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