जौनपुर। जिलाधिकारी डॉ.दिनेश चन्द्र की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक डॉ.कौस्तुभ की उपस्थिति में तहसील बदलापुर के सभागार में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान रैभानीपुर के निवासी राममिलन के डीएम को बताया कि उनकी विगत 08 मई 2024 को आग लगने से आवासीय छप्पर, एक भैस व 7 बकरी और 3 कुन्तल गेंहू, भूसा व अन्य खाद्य सामग्री जल कर राख हो गयी। उन्होंने बताया कि अभी तक सहायता राशि प्राप्त नही हुई है। वहीं सवंसा महाराजगंज बदलापुर निवासी मुन्नी देवी पत्नी कल्लू ने प्रार्थना पत्र में बताया कि 23 अगस्त 2024 को प्रार्थी के छप्पर में आग लग जाने से घर का सारा सामान जल गया, कई बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद भी सहायता राशि नही मिला। उक्त प्रकरणों के संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी के द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए आपदा कानूनगो को प्रतिकूल प्रविष्टि और उप जिलाधिकारी और तहसीलदार को स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिये। उन्होंने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को भी निर्देशित किया कि आपदा रजिस्टर का निरीक्षण करें और 25अगस्त तक आख्या दे कि आपदा के प्रकरण में सहायता राशि देने में देरी किस कारण से हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा जैसे संवेदनशील प्रकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही की जाएगी। उक्त अवसर पर पट्टे की सीमांकन के संदर्भ में आये आर्थिक रूप से कमजोर फरियादी रामसकल निवासी ग्राम बदलापुर को जिलाधिकारी ने नया शर्ट दिलवाया गया। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस पर आने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। जिलाधिकारी के समक्ष कुल 103 शिकायतें प्राप्त हुयी जिसमें से 12 का मौके पर निस्तारण के निर्देश दिये। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.लक्ष्मी सिंह, उप जिलाधिकारी योगिता सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ.गोरखनाथ पटेल सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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आपदा जैसे प्रकरण में संवेदनशिलता बर्दास्त नहीं किया जायेगा : जिलाधिकारी

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