- सेवानिवृत्त बाबू व निलंबित जेई सरकारी कूर्सी पर बैठकी निपटा रहे विभाग का काम
जौनपुर धारा, जौनपुर। नौकरी का कार्यकाल पूरा होने से पूर्व ही कर्मचारी अपने अगले भविष्य की योजना बनाना शुरू कर देते हैं, लेकिन जौनपुर बिजली विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी कार्यालय का मोह नहीं छोड़ रहें है। हैरानी की बात यह है कि बाबू के पद से सेवानिवृत्त लेने के बाद यह कर्मचारी कार्यालय में इन दिनों एक बाबू की भूमिका निभा रहा हैं। वहीं विभाग में चर्चा है कि कार्यालय में उक्त सेवानिवृत्त कर्मचारी सुविधा शुल्क लेने-देने की भूमिका निभा रहा है।
बिजली विभाग के विद्युत वितरण खण्ड तृतीय में सेवानिवृत्त होने के बाद भी या यह भी कह सकतें हैं कि सेवानिवृत्त होने के साथ ही पूनः उसी विभाग में काम पर लग गये हैं, जहाँ वह पहले जिस रौब में कार्यरत थे। विभागीय कूर्सी पर बैठकर उपभोक्ताओं से डिलिंग कर विभागीय काम में पूर्ण रूप से हस्तक्षेप कर रहें हैं। कार्यालय से इसी साल अशोक मौर्या नामक व्यक्ति बाबू पद से सेवानिवृत्त हो चुका है, विभाग के कर्मचारियों की माने तो यह सेवानिवृत्त कर्मचारी सेवा समाप्ति के बाद से ही लगातार कार्यालय आ रहें है और कार्यालय के विभिन्न कागजी काम निपटाने में मदद करतें है। अब ऐसे में विभाग से फाइलों की गोपनीयता तो भंग हो रही है। इस ओर किसी कर्मचारी या अधिकारी का ध्यान नहीं है। बताते चले की बीते कई दिनों से इस सेवानिवृत्त कर्मचारी लेखाधिकारी कार्यालय में बाबू की कुर्सी पर बैठकर काम करते देखा जा रहा। जौनपुर धारा संवादसूत्र ने काम करने के दौरान उनकी फोटो ली जिससे उक्त कर्मचारी तनिक हिचकिचाया भी नहीं। सेवानिवृत्त होने के बाद कार्यालय में मुफ्त सेवा देना, ये बात जौनपुर धारा संवादसूत्र को हजम नहीं हुई तो उन्होने इसकी तह तक जाने का पैâसला लिया और अपने काम पर लग गया। जब संवादसूत्र ने अपनी गोपनीयता को बरकरार रखते हुए गहराई तक गये तो पता चला कि जिस कूर्सी पर बाबू अशोक मौर्या विराजमान थे वह कोई मामूली कुर्सी नहीं है। वहीं से बिल रिवीजन के बड़े-बड़े खेल खेले जाते रहें हैं जो आज भी जारी है। उनको बैठाने का मुख्य कारण यह भी सामने आया कि जिन बाबू को यह काम सौंपा गया था उन निधि बाबू को इसकी ए.बी.सी.डी. तक की सही जानकारी नहीं है और उन्होने सेवानिवृत्त बाबू अशोक मौर्या को अपने कमरे में एक कूर्सी टेबल दे दिया जिससे उनका काम आसान हो गया। संवादसूत्र ने जो फोटो अपने वैâमरे में वैâद किया है उसमें विद्युत वितरण मण्डल द्वितीय के शाहगंज बेल्ट से निलम्बित अवर अभियंता गुलाब भी नजर आ रहें हैं, जिसमें रिटायर्ड बाबू और और निलम्बित जेई एक ही कूर्सी पर बैठकर जोड़ घटाना कर रहें हैं। इस काम के लिये सेवानिवृत्ति की नियमावली भी इन पर बेअसर साबित हो रही है।
एक जमाने से चल रहा बिल रिवीजन का खेल
सूत्रों की माने तो विभाग में बिल रिवीजन की गड़बड़ी का खेल एक जमाने से चलता चला आ रहा है। इसमें बड़े बिल बकायेदारों को पकड़ा जाता है और उनके भारी भड़कम बिल में रीडिंग कम करके भुगतान की राशि को घटाकर जमा करा देतें है और खुद की जेब गर्म कर लेतें है। सूत्र बताते है कि जैसे यदि किसी का बिल 2 लाख रूपये बना तो उस उपभोक्ता से 1 लाख रूपये का सौदा होता है और फिर 25 से 30 हजार रूपये जमाकर बाकी के बचे पैसों का आपस में बन्दरबांट कर लेतें है।
एक ही टेबल पर बैठे सेवानिवृत्त बाबू व निलंबित जेई
सवाह यह भी उठता है कि आखिर क्या कारण है कि एक सेवानिवृत्त बाबू फिर से विभाग में बैठकर अपने सेवा में रहते हुए वाले रौब में काम कर रहा है। यही नहीं उनके साथ विद्युत वितरण मण्डल द्वितीय के एक निलम्बित अधिशासी अभियंता भी के साथ बैठक कर जोड़-घटना करते आये दिन देखे जा रहें है। इसी कड़ी में एकाक बाबू भी ऐसे है जो गैर जनपद ट्रांसफर के बाद भी किसी अन्य के आईडी से अपने कामों को अंजाम दे रहें हैं। हाकिम की जय-जयकार से वह नौकरी की उम्र पूरी करने के बाद भी कुर्सी का सुख भोग रहे हैं।
बिल सुधार में गड़बड़ी पर कुछ माह पूर्व हुई थी कार्यवाही
बिल सुधार में मामलें पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक ने जौनपुर के उपखण्ड अधिकारी संजीव कुमार श्रीवास्तव व कार्यकारी सहायक जितेंद्र कुमार को अनियमितताओं व दायित्व निर्वहन में लापरवाही बरतने के चलते निलंबित कर एसडीओ को आजमगढ़ व जितेन्द्र को मिर्जापुर में संबद्ध कर दिया था। लेकिन पॉवर कॉर्पोरेशन के इस कार्यवाही से बड़ी मछली अभी भी पकड़ से दूर नजर आ रही है। यदि विभाग जांच और पहले से की जाये तो और भी बहुत से कर्मचारियों का काला चिट्ठा सामने आ सकता है। जौनपुर धारा ने इस तरह के अधिकांश समाचारों को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विद्युत वितरण खंड तृतीय से भी विभाग को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है।



