जौनपुर में निजी स्कूलों की फीस वसूली के खिलाफ शिवसेना का विरोध
जौनपुर। जिले में निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा मनमानी फीस वसूली और महंगी किताबों के बोझ से परेशान अभिभावकों के समर्थन में शिवसेना ने आवाज उठाई है। गुरुवार को शिवसेना के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर निजी स्कूलों की मनमानी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
अभिभावकों के आर्थिक शोषण का आरोप
शिवसेना नेताओं का कहना है कि जिले के कई निजी स्कूल सरकारी नियमों का उल्लंघन कर अभिभावकों से भारी फीस वसूल रहे हैं। इसके साथ ही निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें और स्टेशनरी खरीदने के लिए भी स्कूल प्रशासन द्वारा दबाव बनाया जाता है।
पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
विकास शुल्क और स्मार्ट क्लास के नाम पर वसूली
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कई स्कूल विकास शुल्क और स्मार्ट क्लास के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूल रहे हैं, जबकि इसके लिए स्पष्ट नियम निर्धारित हैं। इसके बावजूद स्कूल प्रशासन अभिभावकों से मनमानी रकम वसूल रहा है।
शिवसेना ने इसे अभिभावकों के साथ आर्थिक शोषण बताते हुए सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जिला स्तर पर निगरानी समिति बनाने की मांग
शिवसेना ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि ऐसे स्कूलों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए और जिला स्तर पर एक निगरानी समिति गठित की जाए। यह समिति समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण कर फीस और अन्य शुल्क की जांच करे, ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके।
पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो शिवसेना आगे भी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।



