जौनपुर। राजभवन सचिवालय, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर ने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत वाराणसी के रामनगर स्थित राजकीय बालिका संरक्षण गृह का शैक्षणिक एवं संवेदनशील भ्रमण किया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह के संरक्षण और मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
बालिकाओं के जीवन से जुड़े पहलुओं का किया अवलोकन
भ्रमण के दौरान विश्वविद्यालय की टीम ने बालिका संरक्षण गृह में रह रही बालिकाओं के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, मानसिक सुदृढ़ता और पुनर्वास व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
इस दौरान इस बात पर भी विचार किया गया कि विश्वविद्यालय पॉक्सो अधिनियम तथा अन्य संवेदनशील परिस्थितियों में संरक्षण प्राप्त बालिकाओं के पुनर्वास, मनोवैज्ञानिक सशक्तिकरण, कौशल विकास और सामाजिक पुनर्स्थापन में किस प्रकार सहयोग कर सकता है।
विश्वविद्यालय टीम ने किया निरीक्षण
भ्रमण दल का नेतृत्व अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने किया। उनके साथ उपकुलसचिव श्रीमती बबीता, अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग की डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय, शोध छात्रा एवं वरिष्ठ नैदानिक मनोवैज्ञानिक पायल तथा दिवाकर शर्मा मौजूद रहे।
संरक्षण गृह की टीम ने कराया निरीक्षण
राजकीय बालिका संरक्षण गृह की प्रभारी संगीता राय, परामर्शदाता दीपिका सिंह और उनकी टीम ने विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों का स्वागत किया और परिसर का निरीक्षण कराया। इस दौरान आवास व्यवस्था, पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श सेवाएं, शैक्षणिक गतिविधियां और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई।
सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने के लिए विश्वविद्यालय प्रतिबद्ध
इस अवसर पर प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन में सदैव अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
वहीं संरक्षण गृह की प्रभारी संगीता राय ने भविष्य में संयुक्त रूप से जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण सत्र और कार्यशालाएं आयोजित करने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि कुलाधिपति श्रीमती आनंदी बेन पटेल के नेतृत्व में यह पहल शैक्षणिक संस्थानों के सामाजिक दायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है।



