- जिलापंचायत की खस्ताहाली सड़कों को लेकर सरकार को घेरा
जौनपुर धारा, मुंगराबादशाहपुर। सपा विधायक पंकज पटेल ने बुधवार को जिला पंचायत की खस्ताहाली सड़कों का दोबारा मरम्मत न होने का मामला सदन में उठाया। विधायक ने सदन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि पीडब्ल्यूडी की कोई सड़क जब खराब होती है तो 5साल, 8साल या तो 9-10साल में रिपेयर हो जाती है, लेकिन आज पूरे प्रदेश में जिला पंचायत की जो सड़के है एक बार बन जाती है, तो दोबारा उसकी मरम्मत नहीं होती है, यह बहुत बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि अनुरक्षण नीति लागू है तो पीडब्ल्यूडी की तरह 7-8 साल में जितनी भी सड़के जिला पंचायत की है तो वह रिपेयर होना चाहिए।विधायक ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की गाइडलाइन है कि केन्द्र सरकार जो पैसा जिला पंचायत को देती है। वह सिर्फ मरम्मत कार्य करने के लिए देती है यह गाइडलाइन है। लेकिन जिला पंचायत जो अध्यक्ष है वह पुरानी सड़कों का मरम्मत करने का कार्य नहीं करते है।इस लिए प्रदेश की यह हालत है कि जिला पंचायत की जो भी सड़के है। वह आज बहुत ही दयनीय स्थिति में है, उसे पर चलना दूभर है। उदाहरण के तौर पर मेरी विधानसभा मुंगराबादशाहपुर के आशापुर पक्की सड़क से सरायंफत्तू पक्की सड़क तक, मछलीशहर ब्लॉक के रज्जूपुर चौराहे से गुलाब पटेल के घर तक, सुजानगंज ब्लॉक में रामनगर से बरहता तक की यह सड़के 10 से 15वर्ष पूर्व बनी थी लेकिन आज तक उसका रिपेयर नहीं किया गया। सड़कों के मरम्मत कार्य कराये जाने के मामले में जिलापंचायत अध्यक्षों की नाकामी की वजह से हम लोगों को गाली खाना पड़ता है। उन्होंने मंत्री से तीन अनुपूरक पर जवाब मांगते हुए पूछा कि अनुरक्षण नीति 2013का पालन करते हुए जो की जिला पंचायत सड़कें जो 5 से 8 साल तक मरम्मत नहीं हुई है, उसकी मरम्मत कार्य कराएंगे, प्रदेश के जिलापंचायत सदस्यों को मानदेय व निधि देने के लिए क्या सरकार विचार करेगी, भारत सरकार द्वारा जिला पंचायत सड़कों की मरम्मत के लिए जो बजट आता है। उसका उपयोग सिर्फ सड़कों के मरम्मत के लिए खर्च किया गया या अन्य किसी मद में किया गया।



