जौनपुर धारा, जौनपुर। राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत स्टेक होल्डर प्रशिक्षण कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार कक्ष में डॉ.नरेन्द्र सिंह जिला प्रतिरक्षण अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। जिसमे जनपद के प्राथमिक विद्यालय एवं कम्पोजिट विद्यालय के सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं नोडल शिक्षक संकुल, शिक्षक संकुल के द्वारा प्रतिभाग किया गया।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.नरेन्द्र सिंह द्वारा बताया गया कि विश्व में लगभग 60लाख लोग हर साल तम्बाकू के सेवन से अपनी जान गवाते है। 6.5सकेण्ड में एक धूम्रपान करने वाले व्यक्ति की मौत होती है। भारत में कैन्सर से मरने वाले 100 रोगियों में से 40 तम्बाकू के प्रयोग के कारण मरते है। उAऊए-2 की रिपोर्ट देखे तो 23.1 प्रतिशत पुरूष, 3.2प्रतिशत महिलाये और सभी वयस्को का 13.5प्रतिशत वर्तमान में तम्बाकू का सेवन करते है। उनके द्वारा युवाओं को तम्बाकू की लत से दूर रखने एवं न्यू जनरेशन को तम्बाकू की जोखिम के कारको से अवगत कराया गया। साथ ही साथ समस्त जनपद में तम्बाकू नियंत्रण कानून कोटपा-2003 के समस्त धाराओं की प्रभावी क्रियान्वन्य में सहयोग हेतु प्रेरित किया गया। क्षेत्रीय समन्यवक तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम दिलीप पाण्डेय द्वारा जनपद के समस्त शिक्षण संस्थान को तम्बाकू मुक्त किये जाने हेतु कार्य किये जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुये उनके कार्य एवं दायित्वों को बताया। साथ ही उनके द्वारा कोटापा अधिनियम 2003 के विभिन्न धाराओं को विस्तार पूर्वक बताया गया। तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम 2003 धारा-4 के अन्तर्गत सार्वजनिक स्थान एवं अन्य कार्यस्थलों में धूम्रमान कराना अपराध है। धारा-5 के अन्तर्गत तम्बाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबन्ध है। धारा-6(अ) के अन्तर्गत 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को/के द्वारा तम्बाकू बेचना प्रतिबन्धित है। धारा-6(ब) के अन्तर्गत शैक्षणिक संस्थानों के 100गज की परिधि में तम्बाकू बेचना प्रतिबन्धित है। धारा-7 के अन्तर्गत तम्बाकू उत्पादों पर चित्रमय स्वास्थ्य चेतावनी प्रदर्शित होनी चाहिए। धारा-21 व 24 के अन्तर्गत 4,6का उल्लंघन करने पर 200 रू0 तक जुर्माना हो सकता है।



