- पुस्तकों से अपने को जोड़ें विद्यार्थी : प्रो.अजय प्रताप
जौनपुर धारा,जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के अनुपयुक्त सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी संकाय द्वारा नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षा आरंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दीक्षा आरम्भ कार्यक्रम के पहले दिन विश्वविद्यालय के विभिन्न भवनों से परिचित कराते हुए विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय का भ्रमण कराया गया।
विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में आयोजित कार्यक्रम में अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी संकाय के अध्यक्ष में प्रो.मनोज मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य वाक्य तेजस्विनावधीतमस्तु सत्य सनातन परंपरा का पोषक है। उपनिषद की आर्ष वाणी में गुरु और शिष्य के लिए मंगल कामना की गई है। इस उद्देश्य श्लोक में प्रार्थना है कि हम शिष्य और शिक्षक साथ-साथ आगे चले, हम दोनों साथ विद्या के फल का भोग करें, हमारा साथ-साथ किया हुआ अध्ययन प्रभावशाली हो, हम एक-दूसरे की शक्ति बनें, और हम दोनों में परस्पर द्वेष न हो। हमारा वातावरण और हमारा मन शांत और निर्मल हो। इससे प्रेरणा लेकर हमें अध्ययन के लिए आगे बढ़ना है। व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में आप जितने भी वर्ष शिक्षा अर्जित करने आए हैं, अपना शत-प्रतिशत समर्पण दें। जीवन में यह अवसर आपको दोबारा मिलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय ज्ञान का भंडार है। अपने विषय से लेकर विविध विषयों की जानकारी के लिए पुस्तकों और पत्रिकाओं से अपने को जोड़ें और नियमित पुस्तकालय आते रहे। विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय के प्रभारी डॉ.विद्युत मल ने पुस्तकालय की विशेषताओं से विद्यार्थियों को परिचय कराया और उन्होंने लाइब्रेरी में पुस्तक सेक्शन, शोध पत्रिका सेक्शन एवं संविधान की प्रति से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय विद्यार्थियों की सुविधा के लिए सुबह आठ से लेकर शाम आठ बजे तक खुला रहता है। कक्षाओं के बाद वह कभी भी इस दौरान पुस्तकालय आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं उनके लिए भी पुस्तके उपलब्ध हैं। हेरिटेज गैलरी के नोडल अधिकारी डॉ.दिग्विजय सिंह राठौर ने विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में स्थापित हेरिटेज गैलरी में लगी हुई कलाकृतियां से विद्यार्थियों को परिचित कराया। इस अवसर पर डॉ.सुनील कुमार, डॉ.जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ.अनु त्यागी, डॉ.चंदन सिंह, पंकज सिंह, अवधेश कुमार जनसंचार विभाग एवं व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग के विद्यार्थी उपस्थित रहे।



