- ऐतिहासिक परंपरा और कृषि विकास का संगम
जौनपुर धारा,जौनपुर। सरायख्वाजा में स्थित सूरज कुण्ड तालाब पर हर साल भादो छठ के अवसर पर आयोजित होने वाला मेला इस वर्ष आठ सितंबर को धूमधाम से आयोजित होगा। यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि कृषि और घरेलू उपकरणों के लिए किसानों का एक प्रमुख केंद्र भी है। सूरज कुण्ड तालाब, जहाँ यह मेला आयोजित होता है, प्राचीन समय से ही धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस पवित्र तालाब में स्नान करने से चमड़ी संबंधी बीमारियों से मुक्ति मिलती है। इस दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु सूरज कुंड तालाब में स्नान कर अपनी आस्था प्रकट करते हैं। मेले का दूसरा प्रमुख आकर्षण किसानों के लिए होता है। यहाँ हर साल कृषि और घरेलू उपयोग के विभिन्न यंत्रों की बिक्री होती है। प्रमुख यंत्रों में हल, फावड़ा, दरांती, पंप सेट, और बैलगाड़ी से लेकर आधुनिक ट्रैक्टर के यंत्र तक शामिल होते हैं।इसके अलावा घरेलू सामानों जैसे चक्की, मूसल, और हाथ की चक्की भी इस मेले में उपलब्ध होते हैं। यह मेला किसानों के लिए अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने का एक बड़ा अवसर होता है। जिला प्रशासन ने मेले के आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। मेला चार किलोमीटर लंबाई में सड़क के दोनों ओर फैला होगा। जिसमें प्रशासन ने विशेष रूप से सुरक्षा और यातायात की व्यवस्था पर ध्यान दिया है। बड़े वाहनों के आवागमन को सुचारू बनाए रखने के लिए, जौनपुर की तरफ से कुकड़ीपुर और शाहगंज की तरफ से कोइरीडीहा की ओर डायवर्जन किया जाता है। मेले में विभिन्न सांस्कृतिक और मनोरंजन गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा, जिनमें पारंपरिक लोकगीत, नृत्य, और झूले प्रमुख आकर्षण होंगे। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले कार्यक्रम इस मेले की शोभा में चार चांद लगाएंगे।



