- पैगंबर साहब पूरी दुनियां के लिए रहमत बनकर आए
जौनपुर धारा, मुंगराबादशाहपुर। दो दिवसीय जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी अकीदत के साथ बृहस्पतिवार की देर रात मनाया गया। नबी की शान में नातिया कलाम का दौर पूरी रात चला। जिसमें सैकड़ों लोगों ने शिरकत की। जलसे में एक दर्जन से अधिक अंजुमन कमेटियों की ओर से नबी की शान में नातिया कलाम पेश किया गया। मछलीशहर रोड स्थित डॉ.मुस्ताक अहमद के आवास के पास से जुलूस निकला जो सिपाह में समाप्त हुआ। जुलूस को तहसीलमूलहक बन्ने भाई ने झंडी दिखाकर रवाना किया। जुलूस के आगे अंजुमन टीमें नातिया कलाम पढ़ते हुए चल रहे थे। मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर आयोजित जलसे में सीरते मुस्तफा, कादरिया अखाड़ा हुसैनिया, अंजुमन मंसूरिया कमेटी, अंजुमन गुलाम-ए-मुस्तफा व दीनी आदि अंजुमनों ने शिरकत किया। अंजुमन मंसूरिया कमेटी के शकील फूलपुरी ने वर्षम का चेहरा है मेरे नबी का, आज आए हैं आका पांव चूमे सितारे, रहमतों में नहा लीजिए, दिल मदीना बना लीजिए ने सबके दिलों को छू लिया। मो.जैब बादशाहपूरी ने कहां डूबे हुए सूरज को जो बुला ले दोबारा, आका है हमारा मौला है हमारा.. सुन कर लोगों की वाह-वाही बटोरी। भरत मिलाप मेला महासमिति अध्यक्ष आलोक कुमार गुप्ता पिंटू व इंजी.उमाशंकर गुप्ता ने संयुक्तरूप से अंजुमन कमेटियों का हौसला अफजाई करते हुए कहा कि पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब दुनिया के लिए रहमत का पैगाम बनकर आए थे। नन्ही-मुन्नी बच्चों में आयशा, सारा, मिनकश, मो.उमर व जैद समेत आदि लोगों को अंजुमन कमेटियों की ओर से लगे स्टालों पर टीमों को पुरस्कार से नावाजा गया। कौमी एकता के प्रतीक के रूप में अंजुमन मंसूरिया कमेटी सिपाह मोहल्ला के गेट पर राष्ट्रीय ध्वज लगा था। टिमटिमाते रंग बिरंगी झालरों की सजावट की गई थी। थाना प्रभारी संतोष पाठक देर रात तक बारावफात को संपन्न करने के लिए पुलिस बल के साथ तैनात रहे। अंजुमन सदर तहसीमुलहक, मेला महासमिति अध्यक्ष आलोक कुमार गुप्ता पिन्टू, आजम राईन, उमाशंकर गुप्ता, परवेज लम्बू, खालिद अंसारी, मो.इकबाल यार खां, मो.जफर मंसूरी, अकरम अंसारी, मो.सैफ, मो.मोसीम, अमन मंसूरी, आमिर, पप्पू, बबलू, अनमोल, शालू, फैजल अंसारी, अफाक यार खां व मो.सलमान आदि मौजूद रहे।



