जौनपुर धारा, जौनपुर। शाहगंज कोतवाली में हुई मटरू बिन्द की कस्टोडियल डेथ के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने जिलाधिकारी से जांच रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने जांच पूरी करने की समय सीमा 20नवंबर 2024 तय की है। यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील डॉ.गजेंद्र सिंह यादव द्वारा दर्ज कराया गया था, जिसमें उन्होंने मटरू बिंद की हिरासत में मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। घटना शनिवार की सुबह शाहगंज कोतवाली के शौचालय में हुई थी, जहां पुलिस का दावा है कि मटरू बिंद ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया है। मटरू बिन्द बड़ौना गांव के निवासी थे, पुलिस ने उचक्कागिरी के आरोप में शुक्रवार को हिरासत में लिया था। घटना के दिन वह पुलिस हिरासत में था। पुलिस के अनुसार, वह सुबह शौचालय गए और काफी समय तक बाहर नहीं निकले। जब देखा गया तो वह फंदे से लटक रहे थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शुरुआत में घटना को छिपाने की कोशिश की। थाना प्रभारी ने इस बात को टालने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों और अधिवक्ता द्वारा उठाए गए सवालों के बाद यह मामला संदिग्ध बन गया। डॉ.गजेंद्र सिंह यादव ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई हो ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
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एसएसपी कुँवर अनुपम सिंह ने किया पुलिस कार्यालय का औचक निरीक्षण
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Human Rights Commission sought a report from DM : मटरू बिंद मामले में मानवाधिकार आयोग ने डीएम से मांगी रिपोर्ट



