जौनपुर। कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र की तत्परता से एक दिव्यांग और वयोवृद्ध व्यक्ति की समस्या का तत्काल समाधान हो गया। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद पीड़ित बुजुर्ग को उसके वे गहने वापस मिल गए, जिन्हें कर्ज चुकाने के बावजूद संबंधित पक्ष द्वारा लौटाया नहीं जा रहा था।
आर्थिक जरूरत के चलते गिरवी रखे थे गहने
मामला मोहनलाल प्रजापति नामक एक दिव्यांग बुजुर्ग से जुड़ा है। उन्होंने अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने गहने गिरवी रखकर ऋण लिया था। बुजुर्ग का कहना था कि उन्होंने ब्याज सहित पूरी ऋण राशि चुका दी थी, लेकिन इसके बावजूद उनके गहने वापस नहीं किए जा रहे थे।
जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस ने कराई सुनवाई
पीड़ित ने जिलाधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर अपनी समस्या बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को निर्देश दिया कि वे इस प्रकरण में त्वरित कार्रवाई कर पीड़ित को न्याय दिलाएं।
निर्देशों के अनुपालन में कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर आपसी सुनवाई कराई और मामले का समाधान कराया। इसके बाद पीड़ित मोहनलाल प्रजापति को उनके गहने सुरक्षित वापस सौंप दिए गए।
गहने वापस पाकर बुजुर्ग ने जताया आभार
अपने गहने वापस मिलने पर मोहनलाल प्रजापति ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की तत्परता से उन्हें न्याय मिल पाया।
जनसुनवाई प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जनसुनवाई प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जनपद के सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने कार्यालयों में जनसुनवाई करें।
जिलाधिकारी ने यह भी चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पारदर्शिता की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



