- पुलिस पर भाजपा सभासद के घर में घुसकर मारपीट का आरोप
- घंटो रहा अफरा-तफरी का माहौल, दोनों पक्ष से पांच हिरासत में
केराकत। नगर के नालापार मोहल्ले में बुधवार को होली खेलते समय दो समुदायों के युवकों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद हुई पत्थरबाजी से तनाव की स्थिति बन गई। बुजुर्गों के हस्तक्षेप के बाद मामला किसी तरह शांत हुआ।
होली पर मटका फोड़ने के लिए युवाओं की टोली नालापार मोहल्ले में पहुंची थी। युवक म्यूजिक सिस्टम की धुन पर नाच-गा रहे थे। इसी दौरान वहां एक मकान की छत पर मौजूद कुछ मुस्लिम युवकों पर रंग की छींटे पड़ने को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद छत से पत्थरबाजी शुरू हो गई। एक पक्ष का आरोप है कि जानबूझकर रंग से भरे गुब्बारे फेंके गए, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। हालांकि मोहल्ले के बुजुर्गों ने तत्काल हस्तक्षेप कर मामले को शांत करा दिया और दोनों पक्ष अपने-अपने घर चले गए। आरोप है कि इसके कुछ देर बाद बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भाजपा सभासद मंजू सोनकर के घर पहुंच गए और उनके पति बांकेलाल सोनकर व पुत्र रिंकू सोनकर और दिवाकर सोनकर को ढूंढ़ने लगे। आरोप है कि पुलिस ने घर में घुसकर मारपीट की व मारते हुए उन्हें पैदल ही थाने ले गई। दिवाकर सोनकर पेशे से अधिवक्ता हैं। घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया और दर्जनों की संख्या में कार्यकर्ता थाने पहुंचकर घेराव करने लगे। आरोप है कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं को धमकाकर थाने से बाहर कर दिया। बाद में दबाव बढ़ने पर पुलिस ने दूसरे पक्ष के तीन लोगों को भी हिरासत में लिया। वहीं सभासद मंजू सोनकर ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की और डंडे से उनका गला दबाने का प्रयास किया।
घटना से पुलिस की साख पर धब्बा
भाजपा सभासद मंजू सोनकर ने आरोप लगाया है कि होली के दिन हुए विवाद के बाद पुलिस ने उनके घर में घुसकर तांडव किया। उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उनके पति बांकेलाल सोनकर और पुत्रों को घर से निकालकर लाठियों से मारते-पीटते हुए थाने तक ले गई, जो पुलिस की क्रूरता को दर्शाता है। इस घटना को उन्होंने पुलिस पर धब्बा बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल उनके परिवार का अपमान हुआ है, बल्कि इससे आम लोगों में भी आक्रोश है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं क्षेत्र में पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
- बच्चों के बीच में आपस में विवाद हुआ था। पत्थरबाजी की घटना नहीं हुई थी। विवाद का समाधान करा दिया गया है।
- केराकत क्षेत्राधिकारी अजीत कुमार रजक



