जौनपुर धारा, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के गिरधरपुर गांव में दिवाली पर्व पर तीन दिवसीय लगने वाला एतिहासिक भेलहिया मेला सोमवार को समाप्त हुआ। मेला में निःशुल्क पेयजल की व्यवस्था की गई जो देर शाम चलता रहा। सौ वर्षों से लगता चला आ रहा तीन दिवसीय ऐतिहासिक भेलहिया मेला सोमवार को समाप्त हो गया। इस मेले की मान्यता है कि जो भी व्यक्ति पांच बार लगातार मेले में भेला पीने से कई गंभीर बीमारियों से निजात मिलता है। दिवाली के पर्व पर लगने वाला ऐतिहासिक भेलहिया मेला के अंतिम दिन गांव का मेला लगता है। मेला के अंतिम दिन गिरधरपुर गांव से सेट पतहना औराही, त्रिलोचनपुर, काफरपुर समेत दर्जनों गांव से सैकड़ो की संख्या में लोगों ने मेला में आते हैं। ऐतिहासिक भेलहिया की मान्यता है कि भेल के रस का सेवन करने के बाद गिरधरपुर मे स्थित राउर बाबा मजार व भुनगा देवी मंदिर में दर्शन पूजन करने से परिवार में सुख समृद्धी आती है। इस मेले में किसानों व घरेलू उपयोग के लकड़ी के बने सामानों के जगह-जगह स्टॉल लगाते हैं। मेला में समाजसेवी विनय कुमार व विशाल विश्वकर्मा द्वारा निःशुल्क पेयजल के साथ-साथ, समाजसेवी व पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि करंजाकला ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुनील यादव ने निःशुल्क पेयजल का शुभारंभ किया। मेला में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं द्वारा निःशुल्क पेयजल की व्यवस्था बहुत सराहनीय है। हम सभी को जहां भी अवसर मिले इस तरह के पुनित कार्य मे बड़-चड़कर भाग लेना चाहिए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने मेला में मौजूद सभी पत्रकार को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम के निर्देशक विशाल विश्वकर्मा ने बताया की मेला में समाज के हित में कार्य करने वालो को मुख्य अतिथि द्वारा उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सोशल स्टडी के निर्देशक रामसागर विश्वकर्मा द्वारा किया गया। इस दौरान गिरधरपुर ग्राम प्रधान अयाज शेख, औरही ग्राम प्रधान बेचु यादव, सम्पादक स्वदेश कुमार, डॉ.अनील, विनोद भारती, सुरेश कुमार शर्मा, राजेश गौतम समेत क्षेत्र के कई पत्रकार मौजूद रहे।
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सोमवार को हुआ तीन दिवसीय भेलाहिया का समापन

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