- समीक्षा के दौरान नगरीय क्षेत्रों में गो-आश्रय स्थल कम होने पर सचिव ने जतायी नाराजगी
जौनपुर धारा, जौनपुर। विशेष सचिव आबकारी रविंद्र के द्वारा निराश्रित गोवंश के सम्बंध में विकास भवन के सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की गई। बैठक में विशेष सचिव द्वारा जनपद के निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में गो-आश्रय स्थल कम होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी नगर पालिका/नगर पंचायतों में 1-1 अस्थाई गो आश्रय स्थल बनवाए और उपस्थित समस्त खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिए गए कि गो-आश्रय स्थल से संबंधित सभी प्रकार के अभिलेख अद्यतन रहे। विशेष सचिव ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि सभी गोवंशो की शत-प्रतिशत ईयर टैगिंग हो जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं के प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्देशित किया कि जितने भी निमार्णाधीन गो-आश्रय स्थल है शीघ्र पूर्ण कराकर पशुपालन विभाग को हैंड ओवर कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहाकि खण्ड विकास अधिकारी यह सुनिश्चित कर लें कि गो-आश्रय स्थलों को आवंटित धनराशि का स्वयं के स्तर से देख-रेख/जांच करें। पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिय्ाा कि नियमित रूप से पशुओं की जांच की जाए, इलाज के अभाव में किसी की मृत्यु न होने पाए। उन्होंने समस्त नोडल पशु अधिकारी, वीडीओ, ईओ को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरुप गो-आश्रय स्थल के समस्त बिन्दुओं को ध्यान रखकर निरीक्षण करें और किसी भी बिन्दु पर कमी पायी जाये तो उसका त्वरित निस्तारण करायें। विशेष सचिव द्वारा निर्देशित गया किया कि अभियान चलाकर सभी गो-आश्रय स्थल में तिरपाल लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से पशुपालकों की व्यवस्था एवं उनके मानदेय के भुगतान के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी बीबी सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी आरडी यादव, जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय सहित समस्त खंड विकास अधिकारी, पशु चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।



