- 58 लाख की लागत से गुरैनी से सोंगर तक दस किमी सड़क गड्ढे में तब्दील
- जान हथेली पर रख यात्रा करते है राहगीर, गैर जनपद को भी जोड़ता है यह मार्ग
जौनपुर धारा, खेतासराय। मनुष्य की मूलभूत सुविधाओं में से एक है सुगम मार्ग का होना। लेकिन यदि इस सुविधा का अभाव हो या इसके नाम पर खानापूर्ती किया गया हो तो यह सुगम के बजाय दुर्गम बन जाता है। यह हाल सदर विधानसभा क्षेत्र के गुरैनी से सोंगर जाने वाली लगभग दस किमी सड़क का है, जो अब खस्ता हाल है। पूर्णरूप से गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। थोड़ी सी भी बरसात होने पर सड़क पर जल जमाव हो जाता है। उस पर यात्रा करना मुश्किल हो जाता है। स्कूली बस व बड़े वाहनों को लेकर जान जोखिम में डालकर चालक यात्रा करते है। जनपद के सबसे अधिक 25 हजार आबादी वाले गांव मानीकलां, मवई, बरंगी, ग्यासपुर, नोनारी, अमरेथुआ, सोंगर, भदेठी आदि बड़ी आबादी वाले गांव इसी मार्ग पर है तथा यह मार्ग जनपद आजमगढ़ को भी जोड़ता है। भारी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है लेकिन उक्त मार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। आर्थिक रूप से देखा जाए तो उक्त सभी सम्पन्न गांव है। मानीकलां गांव तो एक नगर पंचायत के बराबर है। लेकिन सुविधाओं के अभाव में यह क्षेत्र में सबसे पिछड़ा हुआ है तथा मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी व बिजली के आभाव में अपने वजूद के लिए तरस रहा है। विकसित होने के लिए सड़क ही पहली सुविधा है। सड़क ठीक है तो सुविधाएं भी बढ़ती है। उक्त गांव में बैंक है, पुलिस चौकी है, एक्सचेंज भी है लेकिन बिजली और सड़क का विकट संकट है। उक्त मार्ग पर बारिश होने के बाद स्कूली बस का आवागमन बहुत ही बड़ी समस्या बनी हुई है। सैकड़ों नौनिहाल जान जोखिम में डालकर स्कूल आते-जाते है। यदि कोई मेडिकल इमरजेंसी है तो अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीज दम तोड़ दे। हिचकोले भरे रास्तों से समय पर अस्पताल पहुंचना संभव नही। लाखों की आबादी वाले इस क्षेत्र की मूलभूत सुविधा भगवान भरोसे।



