जलालपुर। जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के मुख्यालय मथुरा से संस्थाध्यक्ष सन्त पंकज महाराज के सानिध्य में निकली १२२दिवसीय शाकाहार-सदाचार मद्यनिशेध आध्यात्मिक वैचारिक जनजागरण यात्रा का विकास खण्ड सिरकोनी के ग्राम सेहमल में चौव्वनवां पड़ाव हुआ। इस दौरान सत्संग सभा में पंकज महाराज ने कहा सन्तों महात्माओं के सत्संग में किसी व्यक्ति या जाति की आलोचना निन्दा नहीं की जाती है, बल्कि भगवान की भक्ति का प्रेम प्यार पैदा किया जाता है। आप को उत्तम से उत्तम मानव शरीर मिल गया। इसे देते समय भगवान ने कहा था इसमें रह कर अपनी आत्मा का कल्याण करा लेना। जैसा साफ सुथरा शरीर दिया जा रहा उसी प्रकार वापस कर देना। लेकिन इसमें रहकर लोगों ने खोटे-बुरे कर्मों से इसे गन्दा कर दिया। मांसाहार व शराब में सुख ढूढ़ने की कोशिश करने लगे। इन चरित्र पतन जैसे कामों को करके सुख शांति कैसे मिल सकती है। आप सभी से अनुरोध है कि शाकाहारी रहें, शराब आदि नशों का त्याग करें। उन्होंने कहा पशु-पक्षियों का मांस खाने से तो उनके बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और तरह-तरह की बीमारियां पैदा कर देते हैं। उन्होंने सबके सुख की मंगल कामना के साथ समस्त आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया।
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शाकाहार, सदाचार व बुरे कर्मों से मुक्ति ही सुख शांति का मार्ग


