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Homeअपना जौनपुरशहीद-ए-आजम के प्रतिमा पर माल्यार्पण याद किया गया बलिदान

शहीद-ए-आजम के प्रतिमा पर माल्यार्पण याद किया गया बलिदान

जौनपुर धारा, जौनपुर। भारतीय आजादी आंदोलन की गैर-समझौतावादी धारा के महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगतसिंह की 116वें जन्म दिवस पर छात्र संगठन ऑल इण्डिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन द्वारा जौनपुर शहर में सब्जी मण्डी स्थित भगतसिंह पार्क में भगतसिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण, बैज धारण, फोटो व कथन प्रदर्शनी तथा श्रद्धांजलि कार्यक्रम’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद-ए-आजम भगतसिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया गया। अमर शहीद के चित्र युक्त बैज लोगों को धारण कराया गया। कार्यक्रम में अधिकतर छात्र छात्राओं के अलावा अन्य कई गणमान्य लोगों ने शहीद-ए-आजम के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित किए। इसके बाद ‘भगत सिंह तू जिंदा है, हर एक लहू के कतरे में’ ‘भगतसिंह लौट के आ, पुकारे देश तेरा’ ‘हम भगत सिंह के साथी हैं, कोई और नहीं’ जैसे क्रांतिकारी गीतों की प्रस्तुति की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एआईडीएसओ के राज्य सचिव दिलीप कुमार ने कहा कि भगत सिंह ने न केवल इस देश को अंग्रेजी राज की गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराना चाहा था, बल्कि उन्होंने एक ऐसी समाज व्यवस्था की कल्पना की थी जिसमें इंसान को अपनी बुनियादी आवश्यकताओं के लिए तरसना नहीं पड़े। भगत सिंह और उनके क्रांतिकारी साथियों ने भारत को एक समाजवादी वतन बनाना चाहा था। जिसमें मानव के द्वारा मानव के शोषण का खात्मा हो सके, गैरबराबरी मिट सके और देश में अमन चैन खुशहाली आ सके। लेकिन आजादी के 75वर्षों बाद भी हम एक ऐसी समाज व्यवस्था से कोसों दूर हैं। इसलिए आज भी भगत सिंह और उनके साथियों का जीवन संघर्ष व उनके आदर्श छात्र युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मौके पर मौजूद एआईडीएसओ के भूतपूर्व राज्य उपाध्यक्ष मिथिलेश मौर्य ने कहा 28 सितम्बर का दिन संकल्प लेने का दिन है। इसलिए भगत सिंह के क्रांतिकारी विचारों से प्रेरणा लेते हुए उनके बताए रास्ते पर चलकर उनके सपनों के भारत का निर्माण करने के लिए आगे बढ़ना होगा तभी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। भगतसिंह व उनके क्रांतिकारी साथियों के गैर समझौतावादी क्रांतिकारी विचारों को स्कूल के पाठ्यक्रमों में शामिल करने, निःशुल्क, जनवादी, धर्मनिरपेक्ष व वैज्ञानिक शिक्षा पद्धति लागू करने तथा शिक्षा के निजीकरण, व्यापारीकरण, व्यवसायीकरण, सांप्रदायीकरण व केंद्रीयकरण को बढ़ावा देने वाली नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को रोकने के लिए संगठित छात्र आंदोलन खड़ा करना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता एआईडीएसओ के जिला संयोजक संतोष प्रजापति व संचालन अनीता ने किया। उक्त अवसर अंजली, प्रवीण, देवव्रत, चंद्रकांत, पूनम, खुशबू, कमल, आदर्श,  विवेक, अभिषेक, युवराज, दीपचंद, कृष्णा, प्रह्लाद, अंशिका, शिवानी, कमल, श्रीकांत, खुशी, दर्शना सहित अन्य छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

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