सिकरारा। स्थानीय क्षेत्र के कलवारी गांव में स्थित राहुल महाविद्याल में मनाया गया गुरु पूर्णिमा हिंदू धर्म में गुरु पूर्णिमा को बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार और पर्व माना जाता है। यह पर्व सिर्फ हिंदूओं में ही नहीं बल्कि बौद्ध धर्म और जैन धर्म के लिए भी खास माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा मनाते हैं। इस दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म भी हुआ था, इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं। गुरु ही व्यक्ति को अज्ञानता से निकालकर प्रकाश रूपी ज्ञान की तरफ ले जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस तिथि पर महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। वेद व्यास ने पहली बार इस जगत को चारों वेदों का ज्ञान दिया था। महर्षि वेदव्यास को प्रथम गुरु की उपाधि दी गई हैं। शिष्य अपने गुरुओं का आभार व्यक्त करते हुए उनका नमन किया। कार्यक्रम का संचानचालन सहायक प्राचार्य डॉ.धर्मेंद्र यादव ने किया। इस अवसर पर डॉ.राजेश यादव, प्रशांत सिंह, रमेश सिंह, रवि प्रकाश सिंह, एवं कार्यक्रम का समापन प्रबंधक डॉ.आशीष सिंह ने किया।
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बिजली के पोलों से हटाया गया केबल और वाई-फाई तारों का जंजाल
जौनपुर के व्यस्त बाजारों में बिजली के पोलों पर लटकी बंद केबल और अनुपयोगी वाई-फाई तारों को विद्युत विभाग ने अभियान चलाकर हटाया। विभाग की कार्रवाई से बारिश के दौरान करंट उतरने और हादसे की आशंका कम होने की उम्मीद है।
राहुल महाविद्याल में मनाया गया गुरु पूर्णिमा

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