- जलालपुर के बीबनमऊ में चल रही थी सात दिवसीय श्रीराम कथा, भंडारे का हुआ आयोजन
जौनपुर धारा, जलालपुर। क्षेत्र के बीबनमऊ में चल रही सात दिवसीय श्री राम कथा श्रीराम चंद्र के राज तिलक के साथ संपन्न हुई। राम कथा के अंतिम दिन पंडाल में मौजूद भारी संख्या में श्रोताओं ने श्री राम के नाम के जयकारे लगाये। कथा पाण्डाल में उमड़ी श्रृद्धालुओं की भीड़ संगीतमय श्रीरामचरित मानस कथा ज्ञान यज्ञ का रविवार को भगवान राम के राज्याभिषेक के साथ विश्राम हो गया। कथा व्यास श्री बालकृष्ण दास महराज द्वारा लगातार सात दिनों तक श्रद्धालुओं को रामकथा का अमृतपान कराया।शनिवार को सीता हरण, जटायु मरण, हनुमान -राम- सुग्रीव मिलन, बालि वध, लंका दहन, कुंभकर्ण, मेघनाद, रावण वध एवं चौदह वर्षों के उपरांत भगवान राम के अयोध्या आगमन और राम राज्याभिषेक प्रसंग का सुंदर वर्णन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने संसार के सामने आदर्श मयार्दा का उदाहरण प्रस्तुत किया। रामकथा के माध्यम से जनमानस को भगवान राम से प्रेरणा लेकर जीवन के भंवर से पार उतर सकता है। भ्रातृत्व प्रेम किसी का है तो वह भरत का। वर्तमान समय में भरत चरित्र की बहुत बड़ी प्राथमिकता है। स्वार्थ के कारण आज भाई-भाई जहां दुश्मन जैसा व्यवहार करते हैं, वहीं भरत चरित्र त्याग, संयम, धैर्य और ईश्वर प्रेम का दूसरा उदाहरण है। भरत का विग्रह श्रीराम की प्रेम मूर्ति के समान है जिससे भाई के प्रति प्रेम की शिक्षा मिलती है। इस मनुष्य जीवन में भाई व ईश्वर के प्रति प्रेम नहीं है, तो वह जीवन पशु के समान है। कहा कि सभी को भरत और श्रीराम से भाई व ईश्वर प्रेम की सीख लेनी चाहिए। भरत चरित्र सुनकर श्रोता भाव विभेर हो गए। इस अवसर पर थाना प्रभारी रमेश चंद यादव, पंकज भूषण मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य पवन गुप्ता, प्रदीप सिंह, रत्नाकर चौबे, कमलेश यादव, राजेश मिश्रा, गुलजार अली, रामाज्ञा यादव, भेले मास्टर, संदीप उपाध्याय, आनंद मोदनवाल, बाबा यादव सहित हजारों श्रोतागण मौजूद रहे।



