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Homeउत्तर प्रदेशमेरठ नगर निगम सीट का इतिहास बदलने पर आमादा सपा-भाजपा

मेरठ नगर निगम सीट का इतिहास बदलने पर आमादा सपा-भाजपा

मेरठ. मेरठ नगर निगम सीट को अलग अलग राजनीतिक पार्टियां ताल ठोके हुए हैं. खसतौर से भाजपा और सपा दोनों ने पूरी ताकत झोंक रखी है. सपा की तरफ से सरधना के विधायक अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान को उम्मीदवार बनाया गया है तो वहीं भाजपा जल्द ही प्रत्याशी की घोषणा करेगी. समाजवादी पार्टी जहां आज तक मेयर का चुनाव अब तक हुए नगर निगम के चुनाव में नहीं जीत सकी है, वहीं भाजपा भी यूपी में सरकार रहते हुए अपनी पार्टी का मेयर नहीं बना सकी है. दोनों ही दल एक सुर में एक बात कॉमन कहते हुए नजर आ रहे हैं कि इस बार इतिहास बदल जाएगा.

मेरठ में1995 से लेकर अब तक भाजपा दो अपना मेयर बनाने में कामयाब रही है. एक बार दो वर्ष 2006 में जब मधु गुर्जर मेयर बनीं, वहीं, दूसरी बार वर्ष 2012 में जब हरिकांत अहलूवालिया मेयर बने. लेकिन, खास बात ये रही कि दोनों ही बार यूपी में भाजपा की सरकार नहीं थी. अब जब भाजपा की सरकार प्रदेश में है तो वह चाहती है मेयर भी उसका ही हो. समाजवादी पार्टी की मेयर पद की प्रत्याशी सीमा प्रधान ने कहा कि इस बार मेरठ नगर निगम सीट की जनता यहां के इतिहास को बदल देगी. उन्होंने कहा कि इस बार सपा इस सीट पर प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करेगी. सीमा प्रधान ने कहा कि जैसे सरधना विधानसभा सीट पर उनके पति अतुल प्रधान ने जीत हासिल कर इतिहास बदला है. वैसे ही मेरठ नगर निगम सीट पर गारंटी के साथ इस बार इतिहास बदलेगा. जनता इस इतिहास को बदलेगी, क्योंकि जनता परेशान है और वो बदलाव चाहती है. दूसरी ओर भाजपा में भी लगातार मंथन और चिंतन का दौर जारी है. भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष पंकज सिंह लगातार मेरठ में ही डेरा डाले हुए हैं. भाजपा संगठन महामंत्री धर्मेंद्र पाल भी मेरठ में लगातार बैठकें कर रहे हैं. बीजेपी नेता चंद्रमोहन का कहना है कि नगर निकाय चुनावों में पार्टी इस बार रिकॉर्ड जीत हासिल करेगी. वहीं बीजेपी लीडर सरोजनी अग्रवाल कहती हैं कि जनता भाजपा को पसंद कर रही है और भाजपा ही प्रचंड जीत हासिल करेगी. कभी सपा में रह चुकीं सरोजनी अग्रवाल का कहना है कि वो सब कुछ जानती है और कह रही है कि भाजपा बड़ी जीत हासिल करेगी. गौरतलब है कि वर्ष 1995 में जब नगर निगम का चुनाव हुआ तो बसपा ने जीत हासिल की. वर्ष 2000 में बसपा से ही शाहिद अखलाक विजयी रहे. 2006 में ओबीसी वर्ग से आने वाली भाजपा की मधु गुर्जर और 2012 में भाजपा के हरिकांत अहलूवालिया जीते. लेकिन, 2017 में बसपा में रहीं सुनीता वर्मा ने जीत हासिल की. हालांकि, अब वो सपा का दामन थाम चुकी हैं. देखने वाली बात होगी कि मेरठ नगर निगम की सीट पर इस बार कौन इतिहास बनाता है.

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