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मुसीबत के समय की गई सहायता से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं : अजीत  सिंह

जौनपुर धारा, सिकरारा। विकासखण्ड सिकरारा के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय बिशुनपुर पुलगुजर में विगत 20वर्षों से रसोईया का काम कर रही राजदेई गौड़ का आकस्मिक निधन हो जाने पर, परिवार एकाएक मुसीबत में पड़ गया। प्राथमिक विद्यालय बिशुनपुर के प्रधानाध्यापक और विद्यालय परिवार ने रसोईया की मदद के लिए विकासखंड के शिक्षकों से आह्वान किया। खण्ड शिक्षा अधिकारी के मार्ग निर्देशन में पूर्व से चली आ रही परंपरा के निर्वहन के क्रम में, विकासखण्ड के शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने यथासंभव परिवार की आर्थिक मदद की। जिसे सोमवार को मृतक की 13वीं के दिन उनके पति को 62000रु.सुपुर्द किया गया। इस मौके पर खण्ड शिक्षा अधिकारी सिकरारा अजीत सिंह ने  कहा कि मुसीबत के समय शिक्षकों ने जिस तरीके से परिवार की आर्थिक मदद की है वह सबसे पुनीत कार्य है। बेसिक शिक्षा में कार्यरत रसोईया सबसे कमजोर आर्थिक संवर्ग  होता है। जिसकी मुसीबत में विकासखंड के शिक्षकों ने सहायता करके परिवार को तात्कालिक रूप से आई हुई, समस्या से कुछ हद तक निजात दिलाने का प्रयास किया है जो बहुत ही सराहनीय कार्य है। जिसमें प्रमुख रूप से शिक्षकों के प्रतिनिधिमण्डल के जिला उपाध्यक्ष देशबंधु यादव के नेतृत्व में सोमवार को मृतक रसोईया के परिवार में जाकर शिक्षकों द्वारा एकत्रित की गई संपूर्ण धनराशि 62000 रु.मृतक के पति को सुपुर्द किया। जहां प्राथमिक शिक्षक संघ विकासखंड सिकरारा के अध्यक्ष धीरेंद्र यादव, मंत्री ओंकार पाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शरद यादव सहित हरिश्चंद्र, विश्वकर्मा, चंद्रशेखर, विनोद कुमार, संजय रजक, स्वामीनाथ, शैलेंद्र कुमार, रविन्द्र कुमार, एआरपी सुरेश यादव, रूद्र सेन, कृपा निधि, अच्छे लाल बालेंद्र कुमार, श्यामलाल, रामेंद्र कुमार, रजनीश, प्राथमिक शिक्षक संघ के संरक्षक विनोद पाल, रमेश चंद्र, मुकेश यादव, समरजीत यादव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मृतक के दरवाजे पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित किए और परिवार को ढ़ाढस बढ़ाया।

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