Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img
Homeअपना जौनपुरमच्छर जनित रोगों को लेकर उदासीन हुई नगर पालिका

मच्छर जनित रोगों को लेकर उदासीन हुई नगर पालिका

  • कई मोहल्ले में नालियों में जमा है गन्दा पानी
  • देर शाम तक लगा रहता है कूड़े का ढेर, स्वास्थ्य विभाग नहीं है सचेत

सूरज विश्वकर्मा

जौनपुर धारा, मुंगराबादशाहपुर। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरजनित बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका व ग्राम पंचायतें उदासीन बने हुए हैं। जिससे बीमारियों में इजाफा हो रहा है और अस्पताल में लूट मची हुई है। जो कहीं न कहीं जिम्मेदारों की लापरवाहियों को दर्शाता है। लेकिन इसका खामियाजा क्षेत्र की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

बताते चलें कि डेंगू मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों से निपटने के लिए नगर पालिका परिषद अपने दावों पर खरा नहीं उतर पा रही है। नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग व ग्राम पंचायतों के उदासीन रवैये के चलते लोग मच्छर जनित बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। मानसून में हुए बदलाव के बाद मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को डेंगू मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों का डर सता रहा है। चिकित्सक की सलाह पर बुखार होने पर लोग दवाइयां ले रहे है। नगर पालिका, ग्राम पंचायतों और स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि मच्छरों का प्रकोप कम करने के लिए लगातार फॉगिंग और दवा का छिड़काव किया जा रहा है। बावजूद इसके मच्छरों का प्रकोप कम नहीं हो रहा। उधर लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। इसके साथ ही यह आरोप भी लगने लगा है कि दवा के छिड़काव व फॉगिंग के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि दवा बेअसर साबित हो रही है। क्षेत्र में बुखार का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। शायद ही कोई ऐसा घर होगा, जिसमें बुखार का मरीज न हो। सरकारी से लेकर निजी अस्पताल तक बुखार के मरीजों से पटे हुए हैं। इन सबके बीच नगर पालिका लगातार फॉगिंग व दवा छिड़काव का दावा भी कर रही है। नगर पालिका ने अब तक भारी भरकम रकम फॉगिंग व दवा छिड़काव पर खर्च की है। बावजूद इसके मच्छर कम नहीं हो रहे। अचानक मच्छरों की भरमार होने के पीछे एक मायने में व्यवस्था को ही जिम्मेदार ठहराया जा सवâता है। इस वजह से लगभग सभी वार्ड में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद द्वारा नगरवासियों को मच्छरों से बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। अधिकतर नालियां जाम, गंदा व कहीं कहीं कूड़ा करकट का ढेर देर शाम तक लगा रहता है। जिससे मलेरिया व डेंगू सहित अन्य विभिन्न बीमारियों का खतरा बना हुआ है। छात्र छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने स्कूल कालेजों और कोचिंग संस्थानों में जाते हैं। यहां भी भारी संख्या में मच्छर पनपन रहे हैं लेकिन फॉगिंग तो दूर दवा का छिड़काव भी नहीं किया गया है। इसके अलावा दिन में हजारों वाहन चालक, राहगीर गुजरते हैं। जो कभी भी बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।गंदगी और नालियां जाम होने से मच्छर जनित बीमारियां फैलने की आशंकाएं बढ़ गई है। लेकिन नगर पालिका परिषद व स्वास्थ्य विभाग मच्छर जनित बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए कोई कारगर कदम उठाता नजर नहीं आ रहा है।

मच्छरों का भी बदल रहा स्वभाव, कम हो रहा दवा का असर

मच्छर एक ऐसा परीजीवी है, जो सबसे ज्यादा अनुकूलित होता है। यानी वह हर प्रकार के वातावरण में रहने की समझ रखता है। यही वजह है कि छिड़काव और फॉगिंग का असर मच्छरों पर कम हो रहा है। वहीं दूसरी ओर जिस तरीके से नालियों में जलभराव है, चारों ओर गंदगी फैली है, उस हिसाब से छिड़काव और फॉगिंग नहीं हो रही है। ऐसे में लोगों को खुद ही जागरूक होने की जरूरत है। जहां मच्छरों की संख्या अधिक है, लेकिन उस हिसाब से छिड़काव नहीं हो रहा है।