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पोस्टर में सानिया मौर्य, काव्य लेखन में हिमांशी अव्वल

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में सानिया मौर्य और काव्य लेखन में हिमांशी श्रीवास्तव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
Homeअपना जौनपुरबूंदाबांदी से सुबह के समय खुशगवार हुआ मौसम

बूंदाबांदी से सुबह के समय खुशगवार हुआ मौसम

  • एक बार फिर बदला मौसम, सुबह से छाए हैं बादल, हुई बूंदाबांदी

जौनपुर धारा, जौनपुर। जौनपुर में एक बार फिर से मौसम ने करवट ले ली  है। गुरूवार को सुबह बादल छाए और थोड़ी बुंदाबांदी भी हुई। कई दिनों से सुबह से ही धूप निकल आती थी। दोपहर के धूप सहन नहीं हो रही थी, लेकिन सुबह से आसमान में बादल छाए। पूरे दिन सूरज व बादलों के बीच आंख मिचौली का खेल चलता रहा। वहीं, मौसम के बदलने के साथ सरसों किसानों को फसल प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है। हालांकि, आलू की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं है। जनवरी माह के अंत में मौसम रूख बदल रहा है, दिन में गर्मी, तो रात में लोगों को सर्दी का अहसास हो रहा है। इस कारण लोगों को बारिश की आशंका पहले से थी। सुबह लोग नींद से जागे तो आसमान में बादल छाए हुए थे, और हल्की बूंदाबांदी भी हुई। पूरे दिन अन्य दिनों की अपेक्षा तापमान में भी गिरावट महसूस की गई। लेकिन लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा नहीं लेना पड़ा। सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद दोपहर को धूप खिल गई। हालांकि बूंदाबांदी से हवा में नमी का स्तर बढ़कर 56 प्रतिशत तक पहुंच गया है। सुबह आठ बजे के करीब तेज गरज के साथ बूंदाबांदी भी हुई जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। आसमान में बादलों की गरज का सिलसिला नौ बजे के बाद भी जारी है। किसानों को सबसे अधिक चिंता सरसों और चने की फसल को लेकर है। काफी संख्या में किसानों की सरसों की पकी फसल खेत में खड़ी है तो कुछ किसानों की सरसों की फसल काट कर खेतों में पड़ी हुई है। इसी तरह चने की फसल पक गई है और गेहूं की फसल भी पकने के कगार पर है। अगर तेज बारिश होती है या ओले गिरते हैं तो किसानों को काफी नुकसान हो सकता है।