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Homeअपना जौनपुरबाबा साहेब की प्रतिमा के अपमान पर भड़की भीम आर्मी और बसपा

बाबा साहेब की प्रतिमा के अपमान पर भड़की भीम आर्मी और बसपा

  • डीएम ने खुद सफाई कर शांत कराया आक्रोश

जौनपुर। दीवानी न्यायालय तिराहे पर डॉ.भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर कालिख और कीचड़ पोते जाने की घटना ने गुरुवार को तूल पकड़ लिया। घटना की जानकारी मिलते ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और भीम आर्मी के सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर पहुँच गए और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं का आक्रोश इस कदर था कि उन्होंने किसी भी अन्य व्यक्ति को प्रतिमा साफ करने से रोक दिया और सीधे जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए।

भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं का स्पष्ट कहना था कि बाबा साहेब के चेहरे पर लगाया गया कीचड़ जिला प्रशासन की विफलता है, इसलिए जिलाधिकारी स्वयं अपने हाथों से इसे साफ करें। माहौल बिगड़ता देख डीएम और एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। प्रदर्शनकारियों की भावनाओं और संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्वयं आगे बढ़कर प्रतिमा पर लगे कीचड़ और कालिख को साफ किया, जिसके बाद ही कार्यकर्ता शांत हुए। इस दौरान बसपा और भीम आर्मी के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे जनपद व्यापी आंदोलन को बाध्य होंगे। पुलिस प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। मौके पर तनाव को देखते हुए पीएसी और स्थानीय पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली इस साजिश के पीछे जो भी चेहरा होगा, उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

जल्द से जल्द कठोर कार्यवाही की मांग

थानाध्यक्ष को सौंपे गए पत्र में भानु प्रताप भारती ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे उन्हें सूचना मिली कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बाबा साहेब की प्रतिमा पर कालिख पोत दी गई है। मौके पर पहुँचने पर स्थिति देखकर कार्यकर्ताओं और अनुयायियों में भारी रोष व्याप्त हो गया। तहरीर में कहा गया है कि इस कृत्य से समाज के लोगों की धार्मिक और वैचारिक भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं और क्षेत्र में शांति भंग करने का प्रयास किया गया है। भीम आर्मी ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को जल्द से जल्द चिह्नित कर उन्हें जेल भेजा जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पार्क परिसर में प्रतिमा के रखरखाव और सुरक्षा हेतु एक स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की भी पुरजोर मांग की गई है। पुलिस ने तहरीर लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।