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Homeअपना जौनपुरबढ़िया रैकिंग के लिए  ध्यान से भरें  क्राइटेरिया : प्रो. कुशेन्द्र

बढ़िया रैकिंग के लिए  ध्यान से भरें  क्राइटेरिया : प्रो. कुशेन्द्र

  • हर संस्थान के लिए अनिवार्य होगी रैंकिंग : प्रो. फारुख

जौनपुर धारा, जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शुक्रवार को एनआईआरएफ और एआरआईआईए  ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह आयोजन उत्तर प्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों एवं कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य के प्रेरणा से विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं हेतु रैंकिंग प्राप्त करने के लिए किया गया। इस अवसर पर बतौर वक्ता प्रो. कुशेन्द्र मिश्र संकायाध्यक्ष, प्रबंध अध्ययन संकाय, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ ने एनआईआरएफ के पांच पैरामीटर को विस्तृत तरीके से समझाया। कहा कि बढ़िया रैंकिंग प्राप्त करने के लिए इन पांचों क्राइटेरिया को ध्यानपूर्वक भरा जाना चाहिए।  इससे संबंधित संस्था को उच्च रैंक प्राप्त हो सके। इसी क्रम में प्रोफेसर फारुख जमाल पूर्व समन्वयक, इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल, डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या ने कहा कि आने वाले समय में हर संस्थान के लिए रैंकिंग अनिवार्य होगी। आज के युग में डाटा का संकलन करना एक बहुत बड़ी चुनौती है। यद्यपि तकनीक के व्यापक इस्तेमाल से डाटा संकलन संभव है। वर्तमान में तकनीक का इस्तेमाल कर सभी डाटा को संरक्षित कर उसे सही तरीके से भरा जाना चाहिए और अच्छी रैंकिंग के मानक के अनुसार डाटा उपलब्ध किया जाना चाहिए। महाविद्यालय से जुड़े समस्त प्राचार्य से संवाद भी किया गया। इस कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत प्रो. मानस पाण्डेय एवं कार्यक्रम की रूपरेखा एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो. राम नारायण ने किया। संचालन डॉ. मनीष कुमार गुप्ता  तथा मुख्य अतिथियों का परिचय डॉ. सुशील कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. अशोक श्रीवास्तव, प्रो. मुराद अली उपकुलसचिव अमृत लाल, प्रो. रमेश मणि त्रिपाठी, प्रो. सुरेश कुमार पाठक, प्रो. सुधाकर सिंह,  प्रो. सुधा त्रिपाठी प्रो. बृजेश कुमार जायसवाल, डॉ. जगदेव, अजय कुमार, प्रो. आनंद कुमार सिंह, प्रो. अरुण कुमार सिंह, प्रो. राजीव मालवीय एवं समस्त एनआईआरएफ समिति के समस्त सदस्य, विभागाध्यक्ष, एवं अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।