जौनपुर। भीषण बारिश के कारण डूबे रपटा पुल से शुक्रवार की शाम वसूली से लौट रहे एक शाखा प्रबंधक और उनके सहयोगी सहित दो लोग बाइक के साथ बहने गए। हालांकि, उन्हें स्थानीय ग्रामीणों के प्रयासों से सुरक्षित बचा लिया गया। रपटा पुल के डूबने से दर्जन भर गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूट गया है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कस्बे के पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक वेदप्रकाश अपने सहयोगी प्रमोद तिवारी के साथ कुशहां और तियरा गांव में वसूली के काम से लौट रहे थे। जैसे ही वे दुगौली कला और कस्तूरीपुर गांव के बीच बने पीली नदी के रपटा पुल पर पहुंचे, उनकी बाइक असंतुलित होकर नदी में गिर गई। दोनों को डूबता देख गांव के दिनेश निषाद और इंद्रेश ने तुरंत नदी में कूदकर उनकी जान बचाई। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर इन दोनों को बचाने का साहसिक कार्य किया। दिनेश और इंद्रेश ने बिना समय गंवाए नदी में कूदकर उन्हें सुरक्षित निकाला। इसके बाद, बाइक को भी आधे घंटे की कड़ी मेहनत के बाद रस्सी से बांधकर किसी तरह बाहर निकाला गया। यह घटना स्थानीय लोगों के साहस और एकजुटता का प्रतीक है, जिन्होंने संकट के समय में एक-दूसरे की मदद की। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति कितनी गंभीर हो सकती है। रपटा पुल के डूबने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है, जिससे लोगों को आवश्यक सेवाओं और संसाधनों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। ग्रामीणों ने इस घटना के बाद प्रशासन से मांग की है कि रपटा पुल की स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। इस प्रकार की घटनाएं हमें यह याद दिलाती हैं कि प्राकृतिक आपदाओं के समय में एकजुटता और साहस कितनी महत्वपूर्ण होती है। स्थानीय समुदाय ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि संकट के समय में वे एक-दूसरे के लिए खड़े होते हैं।



