- हत्या का मुकदमा दर्ज कर सीबीसीआईडी जाँच की उठाई मांग
जौनपुर। खेतासराय थाना क्षेत्र में हुई मौत मामले में मृतक सुनील राजभर के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर हत्या को आत्महत्या दर्शाने का पुलिस पर आरोप लगाया है, साथ ही हत्या का मुकदमा चलाये जाने की मांग किया है। उन्होने पुलिस कर्मियों व चिकित्सकों पर आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की है। मृतक सुनील राजभर की माता सुनीता देवी ने बताया कि मेरा पुत्र बीते 16 जनवरी को प्रात: लगभग 6:00बजे मृत अवस्था में पाया गया। उसी दिन शाम 4:30 बजे पोस्टमार्टम कराया गया, परंतु प्रारंभ से ही इस जघन्य घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए गंभीर स्तर पर साक्ष्य-विलोपन, तथ्यात्मक हेराफेरी एवं राजनीतिक दबाव के अंतर्गत लीपापोती की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर इस मृत्यु को आत्महत्या बताया जा रहा है, किंतु पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वर्णित प्रत्येक चिकित्सीय तथ्य का वैज्ञानिक एवं कानूनी विश्लेषण यह स्पष्ट करता है कि यह मृत्यु आत्महत्या नहीं, बल्कि गला दबाकर की गई हत्या है, जिसके पश्चात शव को लटकाकर आत्महत्या का झूठा रूप दिया गया है। मृतक के पेट में 150मिलीलीटर अर्ध-पचा भोजन पाया गया है, जो यह दर्शाता है कि मृत्यु भोजन के 1-3 घंटे के भीतर हुई। इसके बावजूद डॉक्टर द्वारा मृत्यु की अवधि ‘लगभग 1दिनÓ लिखी गई है, जो शव मिलने और पोस्टमार्टम के समय से मेल नहीं खाती और मृत्यु के वास्तविक समय पर गंभीर संदेह उत्पन्न करती है। चिकित्सकों की संदिग्ध भूमिका प्रारंभ से ही निश्चित रूप से है। इस प्रकरण में डॉ.चन्द्र शेखर पाण्डेय, एवं डॉ.दिप्त कुमार द्वारा जानबूझकर तथ्यों को दबाया गया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लीपापोती की गई तथा हत्या को आत्महत्या दिखाने का अवैधानिक प्रयास किया गया। पुलिस द्वारा जांच में घोर लापरवाही की जा रही है।



