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पोस्टर में सानिया मौर्य, काव्य लेखन में हिमांशी अव्वल

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में सानिया मौर्य और काव्य लेखन में हिमांशी श्रीवास्तव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
Homeअपना जौनपुरपीयू बनेगा मौसम का प्रहरी, स्थापित होगा ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन

पीयू बनेगा मौसम का प्रहरी, स्थापित होगा ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन

  • किसानों को मिलेगा सटीक पूर्वानुमान, श्याम कन्हैया को मिली जिम्मेदारी

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय अब मौसम की सटीक जानकारी देने के आधुनिक युग में कदम रखने जा रहा है। परिसर में जल्द ही अत्याधुनिक ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित होगा, जो हर पल के मौसम बदलावों पर वैज्ञानिक निगाह रखेगा। कुलपति प्रो.वंदना सिंह के प्रयासों से शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट जौनपुर और आसपास के जिलों के लिए एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि साबित होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्टेशन की स्थापना के लिए भूमि चिन्हांकन, तकनीकी परीक्षण और औपचारिकताएँ पूरी कर ली हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग की टीम द्वारा स्थल सर्वे भी संपन्न हो चुका है। यह अत्याधुनिक स्टेशन तापमान, वर्षा, आर्द्रता, वायुदाब, हवा की दिशा और गति जैसी तमाम जानकारी स्वचालित रूप से एकत्र करेगा और सीधे केंद्रीय सर्वर पर भेजेगा। इसके माध्यम से मौसम पूर्वानुमान अधिक सटीक और वास्तविक समय पर उपलब्ध हो सकेगा। कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह का कहना है कि ‘यह विश्वविद्यालय के ‘विज्ञान से समाज तकÓ के विज़न को साकार करने वाला कदम है। इससे न केवल शोधार्थियों को उपयोगी डेटा मिलेगा बल्कि किसानों और आम नागरिकों को भी मौसम की तत्काल जानकारी प्राप्त होगी। विश्वविद्यालय की ओर से इस परियोजना की जिम्मेदारी देख रहे डॉ.श्याम कन्हैया सिंह ने बताया कि स्टेशन पूरी तरह स्वचालित होगा, जो बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के कार्य करेगा। नेटवर्क बाधित होने पर भी यह सुरक्षित डेटा संग्रहीत रखेगा और सौर ऊर्जा से संचालित रहेगा। यह परियोजना कृषि, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन और वैज्ञानिक शोध के सभी क्षेत्रों में उपयोगी सिद्ध होगी। सबसे अधिक लाभ किसान समुदाय को मिलेगा, जो अब वर्षा, तूफान या तापमान में बदलाव की सही जानकारी से अपनी फसलों की समयबद्ध योजना बना सकेंगे। जलवायु परिवर्तन के इस दौर में पूर्वांचल विश्वविद्यालय का यह कदम न केवल क्षेत्र की वैज्ञानिक प्रगति को नई दिशा देगा बल्कि किसानों की उम्मीदों को भी नई उड़ान देगा।