जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के निर्देश एवं कुलपति प्रो.वंदना सिंह के संरक्षकत्व में सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत गोद लिए गए ग्राम देवकली में स्वास्थ्य और जागरूकता की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल की गई। इसी क्रम में 29 सितम्बर को देवकली पंचायत भवन में प्रात: 6:30बजे से योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योग प्रशिक्षक विनय सुनील वायदंडे ने ग्रामीणों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को योगाभ्यास कराया और विभिन्न आसनों व प्राणायाम के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि योग न केवल शारीरिक स्फूर्ति प्रदान करता है, बल्कि मानसिक संतुलन और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। इस अवसर पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो.प्रमोद कुमार यादव ने योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए इसके नियमित अभ्यास पर बल दिया। प्रो.राकेश कुमार यादव, समन्वयक गांव गोद कार्यक्रम ने योग को सामुदायिक सहभागिता और ग्रामीण विकास से जोड़ते हुए इसकी उपयोगिता स्पष्ट की। एनएसएस समन्वयक डॉ.राज बहादुर यादव ने युवाओं से नियमित रूप से योग करने की अपील की। वहीं प्रधानाध्यापिका मिथिलेश शर्मा ने विद्यार्थियों को जीवनशैली में योग को अपनाने का आह्वान किया। ग्राम प्रधान महेश सोनकर ने विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की और ग्रामीणों से अधिकाधिक भागीदारी की अपेक्षा जताई। कार्यक्रम में अरविंद यादव, विनोद, संदीप सोनकर सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी, विद्यार्थी एवं शिक्षक शामिल हुए और योगाभ्यास से लाभान्वित हुए। इस प्रकार विश्वविद्यालय ने सेवा पखवाड़ा के तहत स्वास्थ्य और जागरूकता को ग्राम स्तर तक पहुंचाने का एक सशक्त प्रयास किया।
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पीयू ने देवकली ग्राम में किया योग प्रशिक्षण का आयोजन

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