जौनपुर धारा, जौनपुर। उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती वाणी रंजन अग्रवाल के संरक्षण में १२ नवम्बर को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवार न्यायालयों में लम्बित अधिकतम वादों के निस्तारण के सम्बन्ध में विचार-विमर्श हेतु सचिव पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विवेक विक्रम के संयोजन एवं रीता कौशिक प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय की अध्यक्षता में उनके विश्राम कक्ष में बुधवार को पंचम प्री-ट्रायल बैठक आहूत की गयी। बैठक में रीता कौशिक द्वारा समस्त अपर प्रधान न्यायाधीश को आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकतम मामलों के निस्तारण हेतु वादों को चिन्हित करने एवं पक्षकारों को समन/नोटिस प्रेषित कर लोक अदालत में वादों के निस्तारण के लाभें को बताते हुए पक्षकारों को प्रेरित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। प्रधान न्यायाधीश द्वारा बताया गया कि शालिनी मिश्रा बनाम विकाश पाण्डेय थाना खुटहन व सुमन बनाम रमाशंकर थाना मड़ियाहूँ के प्रकरणों में प्री-ट्रायल बैठक के दौरान समझौता हुआ। सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विवेक विक्रम द्वारा लोक अदालत के मामलों के निस्तारण से होने वाले लाभ जैसे-निस्तारण हेतु किसी प्रकार का न्याय शुल्क देय नहीं होना, राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण कर लम्बित मामलों मे न्याय शुल्क की वापसी की व्यवस्था, लोक अदालत के निर्णय के विरूद्ध कोई अपील नहीं होना बताकर लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों को निस्तारण करवाकर लोक अदालत को सफल बनाये जाने की अपील की गयी। इस अवसर पर विजय कुमार गुप्ता अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय प्रथम, कुलदीप कुमार अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय तृतीय एवं विवेक विक्रम सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर व परिवार न्यायालय के कांउसलर अर्चना श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।
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पारिवारिक मामलों के अधिकतम वादों के निस्तारण हेतु प्री-ट्रायल की पंचम बैठक आयोजित



