जौनपुर धारा, सुइथाकला। विकास खण्ड मुख्यालय परिसर में दशकों वर्ष पहले बना पशु चिकित्सा अधिकारी का आवास जर्जर होकर आखिरकार सोमवार अपरान्ह उसका छत ढह ही गया। हालांकि वर्तमान में उक्त आवास खाली होने और झाड़ झंखाड़ो के जमावड़ा के कारण कोई हादसा नहीं हुआ, लेकिन चिकित्सालय में कार्यरत कर्मी घटना के बाद से किसी अनहोनी को लेकर डरे सहमे हुए हैं। बताया जाता है कि विकास खण्ड मुख्यालय परिसर में सन 1962में बना राजकीय पशु चिकित्सालय और आवास पूरी तरह से अपनी जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। सोमवार अपरान्ह अचानक पशु चिकित्सा अधिकारी आवास का छत भरभराकर ढह जाने के बाद से वहां तैनात कर्मियों में भय व्याप्त हो गया। हालांकि वर्तमान में उक्त आवास खाली होने व झाड़ झंखाड़ो के जमावड़ा के कारण कोई हादसा नहीं हुआ, लेकिन चिकित्सालय में कार्यरत कर्मी उक्त घटना से डरे और सहमे हुए हैं। मामले में वहां पर तैनात फार्माशिस्ट अरविन्द ने बताया कि चिकित्सालय और अन्य आवास इस तरह जर्जर हो चुके हैं कि कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती हैं। इस बाबत जब मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.परमहंस राय से सम्पर्क साधा गया तो उन्होंने कुछ देर बाद बात करने को कहा। वहीं खण्ड विकास अधिकारी सुभाष चंद्र ने कई भवन जर्जर होने की बात स्वीकार करते हुए अपनी नई तैनाती का हवाला देते हुए पल्ला झाड़ लिया। बहरहाल उक्त आवास खाली होने के कारण भले ही कोई हानि नहीं हुई लेकिन यदि समय रहते जिम्मेदारान सुधि नहीं लिए तो किसी भी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता है।
― Advertisement ―
समीक्षा बैठक में निर्माण कार्यों में तेजी और गुणवत्ता पर जोर
जौनपुर। उत्तर प्रदेश विधानमंडल की संयुक्त समिति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों और जनपद में चल रही निर्माणाधीन...
पशु चिकित्सा अधिकारी के आवास का छत ढहा



