जौनपुर धारा, जौनपुर। महराजगंज विकासखण्ड में धान क्रय केन्द्रो पर किसानों का धान खरीदने मे कर्मचारी कोई न कोई बहाना बनाकर किसानों को वहां से टरका देते हैं। किसान मायूस होकर घर वापस चला जाता है और व्यापारी के हाथ औने पौने दामों में धान बेच देता है। ये केंद्र अपने लक्ष्य से कोसो दूर हैं।
धान क्रय केंद्रों में किसानों का धान क्रय करने में क्रय केंद्र पर अनेक बहाने बताये जाते हैं और किसानों का धान कभी मशीन ओसाने के लिए तो कभी नमी के नाम पर कटौती करने के लिए बोलते है, फिर कभी बोरा पर्याप्त न होने का बहाना करते है और कहते हैं तुम्हारे धान में कूड़ा करकट अधिक है, अतः इस धान को पहले साफ करो बाद में तौला जाएगा। किसान इन झंझटों से बचने के लिए व्यापारियों के हाथ बेचने के लिए विवश हो जाता है और धान क्रय केंद्रों से अपना धान लेकर वापस चला जाता है। ऐसे में धान के केंद्रो से क्या लाभ है। जहां किसानों का धान क्रय केंद्र एफसीआई पर लेने में आनाकानी की जाती है। क्रय केंद्र पर बैनर में समय सुबह 9 बजे से खुलने का और शाम 5 बजे बंद होने का समय है। लेकिन कभी भी जिम्मेदार अधिकारी समय पर न आते है न समय पर जाते है। किसानों ने बताया कि सरकार किसानों का धान समर्थित मूल्य खरीदने पर प्रतिदिन घोषणा करती रहती है, किंतु इन धान केंद्र के कर्मचारियों द्वारा किसानों का धान लेने में टाल मटोल करते हैं। कुछ किसानों ने बताया की इन कर्मचारियों द्वारा व्यापारियों का धान आसानी से खरीद लेते हैं। उसको खरीदने में किसी प्रकार की हीला हवाली नहीं करते हैं क्योंकि जानकारी मिल रही है की व्यापारियों से उनको कमीशन मिलता है। धान क्रय केंद्र एफसीआई महराजगंज का खरीद लक्ष्य से काफी दूर है इसी प्रकार अन्य धान के केंद्र पर लक्ष्य को पाने के लिए अभी काफी पीछे हैं इन धान केंद्रों में सन्नाटा पसरा हुआ है।


