- एसपी को ज्ञापन सौंपकर की सख्त कार्रवाई की मांग
जौनपुर। मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के सियरही निवासी रिंकू सिंह उर्फ नागेंद्र सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। शनिवार को अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। मिली जानकारी के अनुसार अधिवक्ता समुदाय इस मामले को लेकर गंभीर है। पुलिस अधिकारी को मांग पत्र सौंपते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि सरेआम घर में घुसकर जानलेवा हमला करना और फिर पुलिस द्वारा हल्की धाराओं में केस दर्ज करना अपराधियों के मनोबल को बढ़ाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मुकदमे में धारा 109 (हत्या का प्रयास) नहीं बढ़ाई गई और नामजद आरोपियों को जेल नहीं भेजा गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। बता दें कि बीती 18 मार्च को कमलेश सिंह, आकाश, जयकिशन, विजय प्रकाश और रामनिहाल ने रिंकू सिंह के घर में घुसकर उन पर हमला किया था। इस हमले में रिंकू सिंह का पेट फट गया था, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमलावर रसूखदार हैं, जिसके कारण पुलिस उन पर हाथ डालने से बच रही है। ज्ञापन लेने के बाद पुलिस अधिकारी ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया कि मामले की फाइल दोबारा देखी जाएगी और चोटों की मेडिकल रिपोर्ट (इंजरी रिपोर्ट) के आधार पर धाराओं में बढ़ोतरी की जाएगी। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी चिंता जाहिर की।

घटना का विवरण
मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के सियरही निवासी रिंकू सिंह पर 18 मार्च को घर में घुसकर कमलेश सिंह, आकाश, जयकिशन, विजय प्रकाश और रामनिहाल ने जानलेवा हमला किया। रिंकू सिंह के पेट में गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अधिवक्ताओं की प्रतिक्रिया
अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और धारा 109 में बढ़ोतरी की मांग की। अधिवक्ता समुदाय ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
पुलिस का आश्वासन
पुलिस ने फाइल पुनः देखने और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धाराओं में बढ़ोतरी करने का आश्वासन दिया। भरोसा दिया कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय और सामाजिक प्रतिक्रिया
घटना स्थल पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता और नागरिक मौजूद रहे और कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई।


