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Homeअंतर्राष्ट्रीयचीनी भाषा सिखाने वाले इंस्टीट्यूट की फंडिंग बंद करवाएंगे ऋषि सुनक

चीनी भाषा सिखाने वाले इंस्टीट्यूट की फंडिंग बंद करवाएंगे ऋषि सुनक

दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली चीन की मैंडरिन भाषा का बोल-बाला अंग्रेजों के गढ़ ब्रिटेन के इंस्टीट्यूट्स में भी है. ऐसे इंस्टीट्यूट्स को हर साल ब्रिटिश सरकार से करीब 27 लाख पाउंड (करीब 2.75 अरब रुपये) का फंड मिलता है. मगर, भारतीय मूल के ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अब तय किया है कि वो ब्रिटेन में चीनी भाषा सिखाने वाले इंस्टीट्यूट की फंडिंग बंद करवाएंगे.

ब्रिटेन की सुनक सरकार के इस फैसले से चीन भड़क सकता है. वहीं, ब्रिटिश मीडिया में खबरें आ रही हैं कि उनकी सरकार जल्द ही इस फैसले पर अमल करने जा रही है, और वो अब चीनी भाषा सिखाने वाले इंस्टीट्यूट्स को फंड नहीं देना चाहती. ‘द गार्जियन’ की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सुनक सरकार के इस फैसले का ऐलान फॉरेन मिनिस्टर जेम्स क्लेवर्ले करेंगे. बहरहाल, चीनी भाषा सिखाने वाले कन्फ्यूशिस इंस्टीट्यूट्स को बंद नहीं किया जाएगा, लेकिन इनकी फंडिंग रोकने का ऐलान होगा. दुनिया में सबसे ज्यादा देशों में बोली जाने वाली भाषा अंग्रेजी है. वहीं किसी एक देश में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा की बात की जाए तो चीनी भाषा है, जिसे मैंडरिन कहा जाता है. चीनी सरकार का दावा है कि मैंडरिन को उनके यहां 1 अरब से ज्यादा लोग बोलते हैं. चीन की भाषा संयुक्त राष्ट्र की अधिकारिक भाषाओं में भी शामिल है. चीन, सिंगापुर, मलेशिया, हांगकांग, ताइवान समेत कई देशों में मैंडरिन बोली जाती है. दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में चीन की मैंडरिन, अंग्रेजी, स्पेनिश और हिंदी भाषा आती हैं. अंग्रेजी 372 मिलियन से ज्यादा लोगों की फर्स्ट लैंग्वेज है, जबकि ये 1 अरब से ज्यादा लोगों की सेकेंड लैंग्वेज भी है. वहीं, हिंदी को बोलने-समझने वाले लोगों की संख्या 60 करोड़ से ज्यादा है. स्पेनिश भाषा को दुनियाभर में 54 करोड़ लोग बोलते-समझते हैं. उसी तरह फ्रेंच को 27 करोड़ लोग बोलते-समझते हैं. बंगाली को भी 27 करोड़ लोग बोलते-समझते हैं, यह भारत और बांग्लादेश में बोली जाती है. रूसी भाषा को बोलने-समझने वालों की संख्या लगभग 25 करोड़ है.

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