जौनपुर धारा, जौनपुर। अनरसा बरसात की प्रमुख मिठाई है। जनपद के अनरसा की कभी पूरे पूर्वांचल में धूम थी लेकिन अब मांग कम हो गई है। दरअसल बदलते दौर में अनरसा के तलबगार कम हो गये हैं। जब मिठाई की ही पूछ नहीं रही तो अनरसा भी कितने दिनों तक अपनी साख बचाए रखता। पहले बरसात के दिनों में अनरसा ही प्रमुख मिठाई थी। तीज-त्योहारों पर लोग अपने रिश्तेदारों के यहां अनरसा ही भेजा करते थे। इसमें अनरसा तो सबसे लजीज माना जाता था। चावल के आटे से बनने वाली यह मिठाई बरसात के दिनों में खराब नहीं होती थी लेकिन समय के साथ-साथ खानपान का तरीका भी बदल गया। अब अनरसा की मांग कम हो गई है। पहले जफराबाद बाजार में 5 परिवार इस मिठाई को बनाते थे। चावल का आटा, शक्कर और गुड़ तथा तिल से तैयार की गयी यह मिठाई परिवार के चार से पांच सदस्य लगकर बनाते थे और अल सुबह बड़ी बड़ी खंचियों में लाद कर साइकिल से ही व्यापारी जौनपुर तक इसकी आपूर्ति करने जाते थे। मगर खोवे और छेने की मिठाइयों ने इस पारंपरिक मिठाई को पीछे ढकेल दिया। मांग कम हुई तो जौनपुर में अनरसा बनाने वाले भी इस मिठाई के निर्माण से अलग होते गए।
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घट रही अनरसा की लोकप्रियता

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