गाजियाबाद. गाजियाबाद तहसील में अधिवक्ता और स्टांप वेंडर हड़ताल पर चले गए हैं. इस वजह से रजिस्ट्री नहीं हो रही हैं. गौरतलब है कि पूरे प्रदेश में पावर आफ अटार्नी पर प्रतिबंध के बावजूद गाजियाबाद और नोएडा में चल रहे अटार्नी के खेल पर शासन ने जांच बैठा दी गई है. प्रदेश सरकार के द्वारा विशेष जांच कमेटी गठित किए जाने की सूचना के बाद जिले के रजिस्टी विभाग में हड़कंप मचा है. जांच कमेटी यह पता लगा रही है कि गाजियाबाद और नोएडा के रजिस्ट्री दफ्तरों से अटार्नी का लाभ किन दूसरे राज्य के लोगों के द्वारा उठाया गया है. वहीं सरकार के इस फैसले के बाद तहसील के वकील हड़ताल पर चले गए. रजिस्ट्री के लिए स्लाट नहीं मिल रहे है.
बताया जा रहा है कि पॉवर आफ अटार्नी केवल गाजियाबाद नहीं पड़ोसी राज्य दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान तथा मध्य प्रदेश के लोग भी उठा रहे थे. सूत्र बताते हैं कि प्रदेश सरकार के द्वारा जब मामले की तह की पड़ताल करायी गई तो उजागर हुआ कि गाजियाबाद एवं गौतमबुद्ध नगर जिले में व्यापक स्तर पर पावर ऑफ अटानों का खेल चल रहा था. इसी के साथ शासन के द्वारा विशेष जांच समिति गठित कर दी गई.
तहसील बार एसोसिएशन की बैठक
आज तहसील बार एसोसिएशन की एक आपात बैठक अशोक कुमार वर्मा एडवोकेट की अध्यक्षता में बार कक्ष में बुलाई गई, जिसका संचालन विकास त्यागी एडवोकेट सचिव द्वारा किया गया. इस मामले पर चर्चा की गयी.



