- कैंडल मार्च निकाल कर अमेरिका और इजरायल की निंदा
जौनपुर। शाहगंज क्षेत्र के बड़ागांव स्थित चहार रोजा प्रांगण में सोमवार की रात ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामनेई की याद में एक विशाल कंडल मार्च निकाला गया। इस कार्यक्रम में शिया और सुन्नी दोनों समुदायों के लोगों ने बड़ी संख्या में शिरकत कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मार्च के दौरान स्थानीय लोगों में गहरा शोक और आक्रोश देखा गया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अमेरिका और इजरायल की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ‘या हुसैनÓ के नारों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया।
सभा को संबोधित करते हुए मौलाना जफर मेहंदी, मौलाना शौकत रजा, मौलाना कासिम, मौलाना रजा अब्बास और मौलाना अज़मी अब्बास ने इमाम खामनेई के जीवन और उनके संघर्षों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने इंसानियत के नेता के रूप में सदैव सच्चाई का साथ दिया और इमाम हुसैन के बताए रास्ते पर चलते हुए शहादत को गले लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि खामनेई ने कभी भी दमनकारी शक्तियों के सामने झुकना स्वीकार नहीं किया। कार्यक्रम में समाजसेवी विवेक यादव उर्फ विक्की और धर्मेंद्र यादव ने भी इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी क्षति बताया। सहर अर्शी के संचालन और मौलाना सैयद अज़मी अब्बास की अंतिम तकरीर के साथ संपन्न हुए इस कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सुरक्षा की दृष्टि से स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। इस मौके पर मुख्य रूप से मो.इमरान, शमीम हैदर बारादरी, मेराज हाशमी, रईस अहमद, ज़ाकिर हुसैन सैजी, अब्दुल्लाह अंसारी सहित सैकड़ों अकीदतमंद मौजूद रहें। जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।



