पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने दावा किया है कि अगले सैन्य प्रमुख की नियुक्ति का फैसला लंदन में लिया जाएगा. उन्होंने शुक्रवार (11 नवंबर) को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके बड़े भाई नवाज शरीफ पर निशाना साधते हुए यह बात कही. शहबाज शरीफ दरअसल, अपने भाई और पूर्व पीएम नवाज शरीफ से मिलने के लिए लंदन गए हैं.
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ प्रमुख इमरान खान ने अपनी पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, ”लंदन में एक तमाशा हो रहा है, ऐसा कहीं देखने का नहीं मिलता, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ लंदन में हैं, इस मुलाकात का क्या मतलब है? पाकिस्तान के सेना प्रमुख को चुनने के फैसले पर बातचीत हो रही है. देश के महत्वपूर्ण फैसले विदेश में लिए जा रहे हैं और उनकी ओर से जिन्होंने पिछले 30 वर्षो से पाकिस्तान को लूटा है. न्यूज के मुताबिक, इससे पहले अपनी पार्टी के आजादी मार्च के दौरान वीडियो लिंक के माध्यम से इमरान खान ने कहा था कि अगले सेना प्रमुख की नियुक्ति का मानदंड ‘योग्यता’ पर आधारित होना चाहिए, जो भी योग्यता रखता हो, उसे सेना प्रमुख नियुक्त किया जाना चाहिए. पीएमएल-एन प्रमुख नवाज शरीफ से पाकिस्तान के पीएम शहबाज की मुलाकात पर निशाना साधते हुए इमरान खान ने कहा, ”वह चोरी के पैसे से बनाए गए घर में लंदन में एक अपराधी से मिलने गए हैं. इस आदमी (नवाज शरीफ) के बारे में बताया जाता है कि उसने सैकड़ों लोगों को पुलिस एनकाउंटर में मरवा दिया. वे अगले सेना प्रमुख पर फैसला लेने जा रहे हैं, विकसित देश में कोई भी इस तरह की कल्पना नहीं कर सकता है. इसी साल अप्रैल में शहबाज शरीफ के पाकिस्तान का पीएम बनने के बाद उनकी यह तीसरी लंदन यात्रा है. डॉन अखबार के मुताबिक, शहबाज ऐसे समय लंदन गए जब पाकिस्तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा का कार्यकाल 29 नवंबर को समाप्त हो रहा है यानी बहुत कम समय बचा है. पाकिस्तानी अखबार ने लिखा कि शहबाज कथित तौर पर पाकिस्तान के अगले सेना प्रमुख की नियुक्ति को लेकर परामर्श करने के लिए वहां गए हैं.
बता दें कि पिछले महीने पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने उनके कार्यकाल को बढ़ाए जाने की अटकलों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट कर दिया था कि वह अब रिटायरमेंट में विस्तार नहीं लेंगे. अगले पाक सेना प्रमुख की चर्चा में छह नाम लिए जा रहे हैं. इनमें पाक सेना के लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर, लेफ्टिनेंट जनरल शाहिर शमशाद मिर्जा, लेफ्टिनेंट जनरल अजहर अब्बास, लेफ्टिनेंट जनरल नौमान महमूद, लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद और लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद आमिर शामिल हैं.



