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Homeअपना जौनपुरआखिर कैसे मिलेगा गायब बिटिया के परिजनों को न्याय

आखिर कैसे मिलेगा गायब बिटिया के परिजनों को न्याय

  • प्रेमी कर अपहरण व हत्या का परिजन लगा रहें आरोप
  • प्रार्थना पत्र देने के बावजूद भी जिले की पुलिस नहीं कर रही है मदद
  • न्याय पाने के लिए पीड़ित परिवार अब जनप्रतिनिधियों के यहां लगा रहा चक्कर

जौनपुर धारा (शेरबहादुर यादव)

सिकरारा। स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्रामसभा भरसवां से गायब बिटिया का मामला अब धीरे-धीरे हाई प्रोफाइल होता जा रहा है, क्योंकि गायब बिटिया के माता-पिता अपने थाने पर बैठे थानेदार से लेकर एसपी व अन्य उच्च अधिकारियों के पास लिखित प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग करते थक चुके हैं। लेकिन न जाने क्यों न्याय करने के लिए अपने-अपने कुर्सियों पर बैठे पुलिस व पुलिस के अधिकारी उक्त मामले का संज्ञान नहीं ले रहे हैं। अब पीड़ित परिवार के समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर योगी की पुलिस व उनके अधिकारी हमारी मदद क्यों नहीं कर रहे हैं? पुलिस विभाग की इसी निष्क्रियता व लापरवाही के करण धीरे-धीरे अपराध का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। पुलिस विभाग से थक हार कर अब न्याय की एक नई उम्मीद लेकर पीड़ित परिवार अब सत्ता पर आसीन भाजपा सरकार के सांसद और विधायक सहित अन्य का दरवाजा खटखटाकर न्याय की भीख मांग रहा है। इस मामले में प्रदेश्ा के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई गई है। घटना के विषय में मिली जानकारी के अनुसार उक्त गांव निवासी भगना देवी बिन्द पत्नी सोभनाथ की पुत्री नेहा को उसका ही पड़ोसी अरविन्द बिंद पुत्र राम आसरे द्वारा पहली बार तब भाग कर ले गया था जब वह महज 14साल की थी, दूसरी बार 16 साल उम्र और अब तीसरी बार तब भागा ले गया जब उसकी शादी हो गई। आश्चर्य तो इस बात का है कि शादी होने के बाद उसकी ससुराल से भगा ले गया और मुंबई लेकर चला गया। मुंबई पहुंचकर लड़की ने अपने माता से बात की, तो माता-पिता ने कहा कि जब तुमको उसी के साथ रहना है तो रहो लेकिन बात करती रहो। यह सिलसिला चलता रहा की लड़की ने बीते 10जनवरी को अपने मोबाइल से फोन किया और मां से कहा कि जिसके साथ में यहां आई हूं। उसके पिता कुछ लोगों को साथ लेकर यहां आ गए हैं, और मुझे जान से मारना चाहते हैं। उसके थोड़ी देर बाद से ही लड़की का मोबाइल बंद हो गया इसके बाद घबराए माता-पिता अरविन्द के मोबाइल पर फोन किया तो वह बोला कि तुम्हारी लड़की नेहा अब यहां नहीं है। मेरे पास फोन मत करना तभी से माता-पिता को डर सता रहा है कि मेरी लड़की की हत्या कर दिया गया है। इसलिए उक्त के खिलाफ अपहरण करके हत्या करने का आरोप लगाते हुए पुलिस विभाग में प्रार्थना पत्र दे रहा है लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पुलिस विभाग से न्याय न मिलने के कारण अब वह जनप्रत निधियां का दरवाजा खटखटा रहा है अब यह देखना है कि उसको न्याय कहां से मिलता है और कब मिलता है।

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