― Advertisement ―

spot_img
Homeउत्तर प्रदेशअसद की तलाश, अशरफ के खंगाले जा रहे राज...

असद की तलाश, अशरफ के खंगाले जा रहे राज…

यूपी के प्रयागराज में 24 फरवरी को हुई उमेश पाल की हत्या के मामले में अतीक एंड फैमिली का नाम आने के साथ ही बरेली जेल भी चर्चा में है. यहीं अतीक का भाई अशरफ बंद है. 11 फरवरी को अतीक का तीसरे नंबर का बेटा असद, मोहम्मद गुलाम व अन्य साथियों के साथ अशरफ से मिलने पहुंचा था. कहा जा रहा है कि अशरफ के इशारे पर वारदात को अंजाम दिया गया. 

इसको देखते हुए कंट्रोल रूम से 11 फरवरी से 24 फरवरी तक की जेल के सीसीटीवी फुटेज बरेली और प्रयागराज पुलिस को दिए गए हैं. इसके जरिए पुलिस ये खंगाल रही है कि इस दरम्यान अशरफ से कौन-कौन मिलने आया था. साथ ही जेल मुख्यालय ने अन्य तारीखों के भी सीसीटीवी फुटेज निकलाने शुरू कर दिए हैं.सूत्रों की मानें, तो उमेश पाल की हत्या की प्लानिंग यहीं हुई थी. जेल में अशरफ को विशेष सुविधा पहुंचाने के मामले में पुलिस पहले ही दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें जेल आरक्षी शिवहरि और जेल की कैंटीन में सब्जी की सप्लाई करने वाला दयाराम उर्फ नन्हें शामिल है. एक अन्य एफआईआर सद्दाम के नाम से दर्ज है. वह बाहुबली अतीक अहमद के भाई अशरफ का साला है. सद्दाम ने बरेली में अपना नाम मुस्ताक बताकर फर्जी पता दिखाकर मकान किराए पर लिया था. उसी मकान में सद्दाम और उसके कुछ अन्य साथी रहते थे. इस मकान पर जब पहुंचकर देखा, तो वह नीचे बंद था, वहीं ऊपरी मंजिल पर दूसरे अन्य किराएदार थे. इनके बारे में मोहल्ले में कोई भी बात करने को तैयार नहीं था. काफी कोशिशों के बाद एक बुजुर्ग ने कुछ बोलना चाहा तो उनके परिवार ने आपत्ति की. मकान की ऊपरी मंजिल पर रहने वाले दूसरे किराएदार से जब बात करने की कोशिश की, तो मुश्किल से वह तैयार हुए.उन्होंने बताया कि वह आज ही मकान खाली कर रहे हैं. वह एक महीने पहले ही इस मकान में आए थे. उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है क्योंकि नीचे रहने वाले किराएदार किसी से बात नहीं करते थे. उनके पास दो बाइक थीं, जब कभी बाहर निकलना होता था, तो वे बाइक से निकल जाते थे. उधर, वारदात को अंजाम देने वाले माफिया अतीक अहमद के शूटर्स की तलाश में जुटी हैं. हालांकि, अभी तक उन तक पहुंच नहीं पाई हैं. विशिष्ट इनपुट पर अब यूपी एसटीएफ की एक टीम पड़ोसी देश नेपाल पहुंची. बताया जा रहा है कि अतीक अहमद का बेटा असद बहराइच के रास्ते नेपाल चला गया है. इसके साथ ही पुलिस की टीमें असद की तलाश में कई जगह दबिश दे रही हैं. माफिया अतीक अहमद के बेटे असद के साथ शूटर अरमान, मोहम्मद गुलाम, बमबाज गुड्डू मुस्लिम और मोहम्मद साबिर पर पुलिस ने ढाई-ढाई लाख का इनाम घोषित कर रखा है. हत्याकांड को अंजाम देने वालों में अब तक असद की कार का ड्राइवर अरबाज और शूटर विजय चौधरी उर्फ उस्मान एनकाउंटर में ढेर किया जा चुका है.हत्याकांड की प्लानिंग में शामिल सदाकत गिरफ्तार भी हो चुका है. हालांकि, अभी तक मुख्य शूटर असद और उसके साथी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं. प्रयागराज पुलिस और यूपी एसटीएफ की कुल 22 टीमें छापेमारी और तलाश में लगी हैं. तीन टीमों को कॉल डिटेल और सर्विलांस के लिए लगाया गया है. 4 अन्य टीमें पूछताछ और जांच के दौरान मिल रही अहम जानकारियों की कड़ी को जोड़ने में लगी हैं. अब हर शूटर के लिए 3 डेडीकेटेड टीमें काम कर रही हैं. एसटीएफ ने भी अपनी सभी टीमों को सक्रिय किया है. साथ ही यूपी एसटीएफ की वाराणसी, प्रयागराज और लखनऊ यूनिट के साथ-साथ नोएडा और बरेली की टीम को भी लगाया गया. उल्लेखनीय है कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक अहमद के परिवार की मुसीबत ज्यादा बढ़ गई है. अतीक अहमद का आधा परिवार पहले से ही जेल में बंद है. इस हत्याकांड के बाद परिवार के बाकी सदस्य गायब हैं. अतीक अहमद हत्याकांड के पहले से ही साबरमती जेल में बंद हैं. उसके पांच बेटों में बड़ा बेटा उमर और दूसरे नंबर का बेटा अली अहमद जेल में है. प्रयागराज में 24 फरवरी को उमेश पाल और उसके दो गनर्स की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. उमेश पाल राजूपाल हत्याकांड में गवाह थे. उमेश के गाड़ी से उतरते ही बदमाशों ने उन पर फायरिंग कर दी थी. इस दौरान उनकी और उनके एक गनर की गोली लगने से मौत हो गई. जबकि दूसरे गनर की इलाज की दौरान मौत हुई थी. बदमाशों ने इस हत्याकांड को 44 सेकंड में अजाम दिया था.

Share Now...