जौनपुर धारा,खुटहन। घोड़ों की आंखों में प्रवेश कर उन्हें अंधा करने वाला सेटेरिया नामक कीड़ा क्षेत्र के बड़नपुर गांव निवासी पशु पालक शिवपूजन उपाध्याय के घोड़े में पाया गया। जिसे रविवार को सर्जरी के माध्यम से आंख के बाहर निकाला गया। पशुपालक की मानें तो लगभग दो माह से घोड़े की दाईं आंख पर लालिमा और सूजन रही, साथ ही उसे कम दिखाई भी दे रहा था। जिलेभर में पशुपालक ने मामले में दौड़ लगाई, लेकिन विभाग के चिकित्सकों के लिए यह मामला काफी टेढ़ा रहा। जब मामले की जानकारी अढ़नपुर स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय पर पूर्व में तैनात रहे पशु चिकित्सा अधिकारी डाक्टर आलोक सिंह पालीवाल को हुई तो वह रविवार को घोड़े के आंख की सर्जरी कर कीड़े को बाहर निकाला। सर्जरी के बाद घोड़े के आंख की रोशनी वापस आई देख पशु पालक ने चिकित्सक के प्रति आभार व्यक्त किया। मामले में डॉ.पालीवाल ने बताया कि यह एक प्रकार का परजीवी कीड़ा होता है, जो मादा एनाफिलीज नामक मच्छर के काटने से पैदा होता है। हालांकि ऐसे मामले कभी कभी मिलते हैं। जो घोड़ों की आंखों में प्रवेश कर उन्हें नुकसान पहुंचा देते हैं। उन्होंने निकाले गए कीड़े की लंबाई चार से पांच सेंटीमीटर बताया।
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सेटेरिया कृमि निकाल चिकित्सक ने घोड़े को दी आंख की रोशनी



