जौनपुर। शाकाहार अपनाने, शराब त्यागने, परस्पर प्रेम सद्भाव से रहने, थोड़ा समय भगवान के भजन में लगाने की प्रेरणा व संदेश देते हुये सन्त पंकज अपनी जनजागरण यात्रा के साथ जौनपुर में सघन सत्संग भ्रमण कर रहे हैं। इसी क्रम में वह वि.ख.डोभी के ग्रामीण षिक्षा निकेतन स्कूल के मैदान में पैंतालिसवां पड़ाव किया। यहां सत्संग समारोह में प्रवचन करते हुये पंकज महाराज ने कहा कि जब हम लोग इस संसार में पैदा हुये न कोई जाति, न बिरादिरी ले के आये, न कोई कौम मजहब ले के आये। सिर्फ नंगे रोते हुये हम लोग इस संसार में पैदा हो गये। बाद में जो अजार उस परमात्मा ने बख्शे मन बुद्धि और चित्त उससे जब हमारे अन्दर चेतना आ गई तब हमारा नाम पड़ गया। कर्म के अनुसार हमारी जाति बन गई। धीरे-धीरे हमारा फैलाव दुनियां में हो गया। हमने बाल बच्चे बना लिये। हमने नाते-रिष्तेदार बना लिये। जमीन जायदाद हासिल कर लिये। जीवात्मा के निकलते ही यह शरीर आपका माटी का पुतला रह जायेगा कोई भी सगा सम्बन्धी अब आपके इस षरीर को चौबीस घण्टे भी घर में रखने को तैयार नहीं होगा। कलयुग की साधना सुरत षब्द योग के द्वारा ही जीवात्मा की संभाल सम्भव है। हमारे गुरु महाराज बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने इसी रास्ते का भेद देकर करोड़ों लोगों को दुर्व्यसनों से छुड़ाकर सत्मार्ग पर लगा दिया। आज भी लोग उस भजन को करोड़ों की संख्या में कर रहे हैं। महाराज ने लोगों को सुमिरन, ध्यान, भजन का रास्ता बताया और प्रतिदिन दोनों समय भजन करने की अपील किया। उन्होंने बताया कि मथुरा में बाईपास पर बरदानी जयगुरुदेव नाम योग साधना मंदिर परम सन्त बाबा जयगुरुदेव ने बनवाया है।
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सत्संग में पंकज महाराज ने दिया शाकाहर रहने का मंत्र


