जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के विशेष शिविर के अंतर्गत रविवार को विश्व शांति हेतु शांति-ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि संवाद, सहिष्णुता और ध्यान के माध्यम से ही विश्व में स्थायी शांति स्थापित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और वैश्विक कल्याण की समझ विकसित करने का साधन भी है। कुलपति ने स्पष्ट किया कि युद्ध कभी भी स्थायी समाधान नहीं देता, जबकि शांति मानवता का वास्तविक भविष्य है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक व्यक्ति का मन शांत नहीं होगा, तब तक विश्व शांति संभव नहीं है। कार्यक्रम में संकायाध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति अपनी सकारात्मक सोच और ऊर्जा से वैश्विक स्तर पर बदलाव ला सकती है। उन्होंने शांति-ध्यान को मानसिक संतुलन और सामाजिक समरसता के लिए आवश्यक बताया। द्वितीय सत्र में विश्व जल दिवस के परिप्रेक्ष्य में विशेषज्ञों ने जल संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि जल संसाधनों का संरक्षण और समान वितरण सतत विकास के लिए अनिवार्य है। इस दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों ने जल संरक्षण पर प्रस्तुति दी और विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने भाग लिया।
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समीक्षा बैठक में निर्माण कार्यों में तेजी और गुणवत्ता पर जोर
जौनपुर। उत्तर प्रदेश विधानमंडल की संयुक्त समिति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों और जनपद में चल रही निर्माणाधीन...
संवाद और ध्यान से ही संभव है विश्व शांति: कुलपति प्रो. वंदना सिंह



